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महापौर पहुंचे खड़े हनुमान मंदिर, विस्थापन मामले पर मौन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सराफा स्थित खड़े हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए महापौर मुकेश टटवाल शुक्रवार दोपहर करीब 12:15 बजे पहुंचे। उनके साथ क्षेत्र के लोग भी थे। खड़े हनुमानजी के दर्शन करने के दौरान मूर्ति विस्थापित करने के मामले में उन्होंने फिलहाल मौन धारण कर रखा है। इस संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा मेरी आस्था है इसलिए दर्शन करने जाता रहता हूं।

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खड़े हनुमानजी की प्रतिमा विस्थापित करने का मामला उज्जैन सहित प्रदेश में तो चर्चित रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जानकारी मिलने पर भगवान महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालु भी सराफा पहुंचकर खड़े हनुमानजी के दर्शन कर रहे हैं और मूर्ति विस्थापित करने का विरोध भी जता रहे हैं। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने बताया आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, यूएई तथा अन्य देशों के श्रद्धालुओं ने यहां लाइन में लगकर खड़े हनुमानजी के दर्शन किए थे तथा यहां रखे रजिस्टर में दस्तखत कर विरोध जताया था।

महापौर ने कहा यहां आता रहता हूं

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पूछने पर महापौर टटवाल ने बताया वे गणेश चतुर्थी पर सराफा में स्थापित गणेशजी का पूजन करने गए थे। उसी क्षेत्र में गणेशजी के तीन मंदिर और हैं। सराफा एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ तीनों मंदिरों में जाकर गणेशजी के दर्शन किए। सभी ने टकसाली गणेशजी के पास खड़े हनुमानजी के दर्शन भी किए। महापौर ने कहा आंदोलन के दौरान भी खड़े हनुमानजी मंदिर कई बार आया हूं। खड़े हनुमानजी के प्रति मेरी आस्था है। उनके दर्शन के लिए आता रहता हूं।

सवारी निकलने के एक दिन पहले आए थे महापौर

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क्षेत्र के लोगों ने बताया खड़े हनुमानजी को विस्थापित करने के खिलाफ आंदोलन में महापौर ने मौन साध रखा था। राजसी सवारी निकलने से एक दिन पहले वे इंतजाम देखने अधिकारियों
के साथ आए थे तब उन्होंने खड़े हनुमानजी के दर्शन किए थे। इसके अलावा आंदोलन के दौरान दर्शन करने नहीं आए।

विस्थापित करने के मामले पर मौन रहे महापौर

खड़े हनुमानजी की मूर्ति विस्थापित करने के मामले में अक्षरविश्व ने महापौर से पूछा तो स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा जब भी पूछेंगे तो अधिकारियों को बताऊंगा। क्षेत्र के व्यापारियों की इच्छा है कि हनुमानजी यहीं खड़े रहें। उनके प्रति सभी की श्रद्धा है। कई माताएं अपने नवजात बच्चों को दर्शन करवाने के लिए यहां लेकर आती हैं। हनुमानजी के दर्शन के बाद कई बच्चे ठीक भी हुए हैं।

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