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अब एक ही दिन में सीयूईटी-यूजी दे सकेंगे स्टूडेंट्स, बदल रहा पैटर्न

विशेषज्ञों की सहमति बनी : हर एक पेपर का समय 40 मिनट करने की तैयारी

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15 लाख से ज्यादा छात्रों को 2027 में परीक्षा में मिलेगी कई सुविधाएं

नईदिल्ली, एजेंसी। देशभर की यूनिवर्सिटीज में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षा सीयूईटी-यूजी में आवेदन करने वाले 15 लाख से ज्यादा छात्रों को 2027 में अपनी परीक्षा पूरी करने के लिए कई-कई दिनों तक अलग-अलग सेंटरों पर नहीं जाना होगा। सूत्रों का कहना है कि अब एक छात्र की सीयूईटी-यूजी की परीक्षा एक ही दिन में पूरी हो जाएगी। परीक्षा के लिए 12-15 दिनों की जो विंडो होगी, उसमें से एक छात्र अपनी परीक्षा एक ही दिन में पूरी कर लेगा।

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यूनिवर्सिटी एंट्रेंस के पैटर्न में बदलाव के रोडमैप पर विशेषज्ञों की सहमति बन गई है। जल्द ही आधिकारिक घोषणा भी होगी। अभी तक छात्र को दो से तीन बार परीक्षा केंद्र जाना होता था। परीक्षा केंद्र भी अलग होते थे लेकिन अब एक ही दिन में परीक्षा होने से उसका समय और पैसा बचेगा। साथ ही हर विषय का पेपर 40-45 मिनट का करने की तैयारी है। फाइनल गाइडलाइंस तैयार की जा रही है।

बदलाव लागू करने के लिए फाइनल गाइडलाइंस बन रही…

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जिन पीजी कोर्स में आवेदन कम, उनमें सीयूईटी नहीं होगा

पीजी कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाले सीयूईटी में भी एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि 2027 में उन विषयों में दाखिले के लिए एनटीए परीक्षा नहीं कराएगा, जिनमें तय सीटों से कम आवेदन आते हैं। जैसे कोर्स में 500 सीटें हैं और आवेदन इससे भी कम आते हैं तो फिर टेस्ट न कराकर मेरिट से दाखिले कराए जाएं। पिछले कुछ वर्षों में सामने आया है कि करीब 30 से ज्यादा विषय ऐसे हैं, जिनमें आवेदन कम आते हैं।

बड़े बदलाव किए जाएंगे

अभी हर विषय की परीक्षा 60 मिनट की होती है और 50 सवाल पूछे जाते है। नए पैटर्न में समय घटाकर 40-45 मिनट किया जा सकता है। सवाल 35-40 हो सकते हैं।

पांच विषय लेने वाला छात्र करीब 200 मिनट यानी 3.20 घंटे में परीक्षा पूरी करेगा। 4 विषय लेने पर 160 मिनट में।

क्या 5 विषयों के विकल्प को 4 तक लाया जाए, इस पर भी यूजीसी-एनटीए को मंथन करने को कहा गया।

सवालों की संख्या भी कम हो सकती है

सीईयूटी-यूजी में 37 विषयों की परीक्षा 1 होती है, जिसमें 13 लैंग्वेज, एक जनरल ऐप्टिट्यूड टेस्ट और 23 डोमेन सब्जेक्ट शामिल हैं। एक छात्र को अधिकतम 5 विषयों की परीक्षा देने का मौका मिलता है। बहुत से छात्र 4 विषयों की परीक्षा देते हैं। अभी यूनिवर्सिटीज का एडमिशन क्राइटेरिया अलग-अलग है।

जैसे डीयू में जनरल टेस्ट को मान्यता नहीं है, लेकिन यूपी की यूनिवर्सिटीज में जनरल टेस्ट जरूरी है। अगर 4 विषयों का विकल्प दिया जाता है तो फिर हर यूनिवर्सिटीज को जनरल टेस्ट को मान्यता देनी होगी। यूजीसी को कहा गया है कि यूनिवर्सिटीज के एडमिशन क्राइटेरिया में ज्यादा गैप न हो। सीयूईटी-यूजी के अभी तक के पैटर्न में हर विषय की परीक्षा 60 मिनट की होती है और 50 सवालों के जवाब देने होते हैं। परीक्षा का समय कम होगा तो सवालों की संख्या भी कम की जाएगी। सवालों की संख्या 35 से 40 तक हो सकती है।

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