पांच दिन से लगे पतरे, काम अब भी बोरिंग तक; रोज जाम में फंस रहे वाहन

यातायात का दबाव होने के कारण चौराहों पर उलझता रहता है ट्रैफिक
अक्षरविव न्यूज उज्जैन। निकास चौराहे से इंदौर गेट तक बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर की शुरुआत निकास चौराहे से पहले पटेल मार्ग से होगी। ब्रिज बनाने के लिए निर्माण कंपनी ने पटेल चौराहे से निकास चौराहे तक पतरे लगा दिए हैं जिसके कारण व्यस्त मार्ग की सड़क आधी रह गई है। मार्ग पर पतरे लगा देने से जगह कम हो गई और दिनभर यातायात उलझता रहता है।
ट्रैफिक फंसने के कारण दिन भर जाम की स्थिति रहती है। दोपहर 12 से 2 बजे के बीच और शाम को 4 से 5 बजे के बीच जब स्कूल बसें आती हैं उस दौरान तो जाम की वजह से हालात खराब हो जाते हैं। निकास चौराहे पर पतरे लगाने के बाद पांच दिन बीत गए हैं परंतु काम अभी शुरू नहीं हुआ है। मौके पर जाकर देखने के बाद पता चला है कि अभी तो मौके पर नींव की गहराई जानने के लिए बोरिंग की जा रही है और बोरिंग से अभी पथरीली जमीन नहीं आई है। खोदने पर मिट्टी निकल रही है।
जानकारी के अनुसार पुराने शहर में यातायात सुगम बनाने और जाम से राहत दिलाने के लिए निकास चौराहे से तेलीवाड़ा चौक, कंठाल चौराहा, फव्वारा चौक, एटलस चौराहा, दौलतगंज होते हुए इंदौर गेट तक तथा दूसरे हिस्से में इंदिरा नगर से हरिफाटक नीलगंगा चौराहे तक 5.3 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण 945.30 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इंदौरगेट-निकास चौराहा कॉरिडोर 46 फीट ऊंचा और 36 फीट चौड़ा रहेगा। निर्माण के लिए सेंट्रल मार्किंग हो चुकी है और मिट्टी परीक्षण का काम चल रहा है। प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र होने के कारण यहां यातायात व्यस्त रहता है। यहां अक्सर यातायात उलझता रहता है तथा दिन में कई बार जाम लग जाता है।
तेलीवाड़ा चौराहा और एटलस चौराहा की स्थिति भी खराब
निकास चौराहे से पहले पतरे लगा देने के कारण जाम लग रहा है तो तेलीवाड़ा चौराहा और एटलस चौराहे पर अस्त-व्यस्त यातायात के कारण दिन में कई बार जाम की स्थिति बनती है। कई बार वाहन टकराने से विवाद की स्थिति बन जाती है। क्षेत्र के व्यापारियों ने यहां ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है।
पूर्व एमआईसी सदस्य ने महापौर को पत्र लिखा
विकास कार्यों से बाधित हो रहे मार्गों की यातायात व्यवस्था के लिए पूर्व एमआईसी सदस्य और पार्षद शिवेंद्र तिवारी ने महापौर को पत्र लिखा है। पत्र में परिवर्तित मार्ग पर सूचना बोर्ड लगाने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने की मांग की है। पत्र में लिखा है कि आगर रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए निर्माण कंपनी ने बेतरतीब तरह से चद्दर लगा दिए हैं जिससे यातायात में बाधा हो रही है। इसे व्यवस्थित लगवाएं। पत्र में बताया है कि आगर रोड पर जहां एलिवेटेड कॉरिडोर बन रहा है सड़क दुर्घटना होने से अब तक तीन मौत हो चुकी हैं। यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कलेक्टर और एसपी से भी अनुरोध किया है। पार्षद तिवारी ने कलेक्टर से मांग की है कि सीवर लाइन के लिए शहर में हो रही खुदाई का निराकरण समय पर किया जाए।
व्यापारियों में से कुछ ने कहा इसकी जरूरत नहीं तो कुछ ने कहा विकास हो रहा है
एलिवेटेड कॉरीडोर को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ व्यापारियों का आरोप है कि योजना बनाकर निर्माण किया जाता तो यातायात को लेकर हो रह परेशानी कुछ कम हो सकती थी।
दुकान नहीं टूटे तो कॉरिडोर अच्छा है
क्षेत्र के व्यवसायी बसंतसिंह परिहार ने कहा पहले जानकारी मिली थी कि 2035 के मास्टर प्लान में 18 मीटर चौड़ी सड़क बनना है तथा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए सड़क के दोनों तरफ दुकानों का पांच-पांच फीट का हिस्सा लिया जाएगा। क्षेत्र के दुकानदार मुख्यमंत्री से मिले तो उन्होंने आश्वासन दिया है कि निर्माण नहीं टूटेगा। तोडऩे की जरूरत हुई तो छज्जे से अधिक नहीं जाएगा। यदि निर्माण तोड़े बगैर निर्माण किया जाता है तो अच्छा है।
अभी तक कोई नोटिस या सूचना नहीं मिली है
क्षेत्र के व्यवसायी तुराबअली बंदूकवाला ने बताया कॉरिडोर से लोगों को सुविधा होगी। ट्रैफिक की समस्या खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नगर का सौंदर्यीकरण और विकास कर रहे हैं। अखबारों से हमें एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की जानकारी मिली है। किसी विभाग से अभी तक निर्माण तोडऩे या जमीन देने के लिए न नोटिस मिला है न सूचना।
आने वाली पीढ़ी को सुविधा होगी
क्षेत्र के व्यवसाई मनोहर जैन का कहना है शहर का सौंदर्यीकरण चल रहा है। आज लोग नाराज होंगे परंतु जब काम हो जाएगा तो तरक्की दिखने लगेगी। जूलूस निकालने वालों को परेशानी हो सकती है परंतु आने वाली पीढ़ी को सुविधा होगी।
मुआवजे का प्रावधान होना चाहिए : कर्मचंदानी
दौलतगंज के व्यवसायी मोहित कर्मचंदानी ने कहा कॉरिडोर बनने से फायदा है परंतु जमीन लेंगे तो लोगों को नुकसान होगा। कितनी जमीन लेंगे, दुकान कितनी टूटेगी यह स्पष्ट नहीं है। जमीन ली तो दुकानदारों को नुकसान होगा। इसके लिए मुआवजे का प्रावधान होना चाहिए।
आवश्यकता नहीं है एलिवेटेड ब्रिज की
इंदौर गेट के व्यवसायी तुषार राठौड़ का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्थित कर दें तो एलिवेटेड ब्रिज की आवश्यकता नहींहै। ट्रैफिक व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम को अतिक्रमण हटाना चाहिए। सड़क अपने आप चौड़ी हो जाएगी और यातायात सुगम हो जाएगा।









