डिजिटल अरेस्ट कर रतलाम के कारोबारी से 55 लाख ठगे

तीन आरोपी गिरफ्तार
हैदराबाद से दो और कर्नाटक से एक आरोपी पकड़ा, ठगी की रकम खातों में आई थी
रतलाम। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ऑटो पार्ट्स कारोबारी से 55 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनसे जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो आरोपियों को हैदराबाद और एक को कर्नाटक से पकड़ा गया है।
पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पूछताछ के दौरान ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और रकम के लेन-देन से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से संपर्क का डर दिखाया
मामला रतलाम के माणकचौक थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले ऑटो पार्ट्स कारोबारी आशिक हुसैन को आरोपियों ने पिछले महीने 16 से 18 सितंबर तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर घर में ही रहने के लिए मजबूर किया था।
आरोपियों ने कारोबारी को डराया कि उनका पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से संपर्क है और वे आतंकवादी फंडिंग से जुड़े हैं। इस तरह गंभीर आरोपों और कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे कथित तौर पर 55 लाख रुपए ठग लिए गए।
रिमांड पर पूछताछ में खुल सकते हैं राज
पुलिस ने उन बैंक खातों से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें ठगी की रकम पहुंची थी। अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि ठगी की रकम किसने और किन माध्यमों से ट्रांसफर कराई। साथ ही, गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और उनकी भूमिका की भी जांच की जाएगी।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी में अपराधी अक्सर पुलिस, जांच एजेंसी या अन्य सरकारी विभागों का अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। ऐसे मामलों में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए और तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए।









