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अंकपात से मंगलनाथ तक 100 फीट चौड़ी होगी सड़क

दायरे मेंं 22 प्राचीन मंदिर, अखाड़ों के निर्माण भी प्रभावित होंगे

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उज्जैन विकास प्राधिकरण 24 मीटर चौड़ी सड़क बना रहा, श्रद्धालुओं के सामने आ रही परेशानी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अंकपात से खाकचौक होते हुए मंगलनाथ तक सड़क 24 मीटर चौड़ी की जा रही है। चौड़ीकरण के लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण ने सड़क के बीच से नपती कर दोनों तरफ निर्माण तोडऩे के लिए निशान लगा दिए हैं। निशान लगाने की कार्रवाई रात को हुई और अगले दिन सुबह मंदिर के पुजारियों और महंतो को जानकारी मिली तो उन्होने आक्रोश जताया। हालाकि किसी भी विभाग ने अब तक कोई नोटिस नहीं दिया है।

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वर्तमान में यह सड़क करीब 45 फीट चौड़ी है जिसे 24 मीटर चौड़ी किया जाना है। मंदिर के महंत और पुजारियों ने बताया पिछले सिंहस्थ में भी सड़क चौड़ी हुई थी। इस बार फिर चौड़करण किया जा रहा है। 45 से 60 फीट चौड़ी सड़क की चौड़ाई 100 फीट करने की आवश्यकता नहींं है। सड़क के दोनों तरफ 22 मंदिर तथा अन्य निर्माण हैं जिन्हें 6 से 7 मीटर तक तोडऩे के निशान डाले गए हैं। इतनी चौड़ाई बढ़ाने पर तो कई मंदिर पूरी तरह टूट जाएंगे। जब मंदिर ही नहीं बचेगा तो श्रद्धालु यहां किसके दर्शन करने आएंगे। जब श्रद्धालुओं के आने का कोर्ई कारण ही नहीं रहेगा तो सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य ही नहीं रह जाएगा।

उत्तरामुखी हनुमान हांडी फोड़ भैरव और षडविनायक मंदिर भी टूटेंगे..
क्षेत्र के कई मंदिर शहर की प्राचीन मान्यताओं से जुड़े हैं। हांडी फोड़ भैरव मंदिर में नवरात्रि पर होने वाली नगर पूजा का समापन होता है। षड्विनायक गणेश मंदिर और नौ नारायण मंदिर में धार्मिक यात्राओं के दौरान पूजन होता है। उत्तरामुखी हनुमान शहर का एकमात्र ऐसा स्थान हैं जहां हनुमानजी का मुख उत्तर की ओर है।

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यह क्षेत्र प्राचीन अवंतिका पुरी है, इसका स्वरूप बरकरार रहने दें

धर्माचार्य और श्रीबांके बिहारी मंदिर के संस्थापक पं. हरिनारायण शास्त्री ने बताया स्कंद पुराण में जिस अवंतिका पुरी का वर्णन है वह अंकपात, गढ़ कालिका, मंगलनाथ, सिद्धवट क्षेत्र है। खुदाई में यहां अवशेष निकलते रहते हैं। पुराणों के अनुसार तत्कालीन महाकालेश्वर मंदिर घने वन में स्थापित था। अध्ययन के लिए अवंतिका आए भगवान श्रीकृष्ण ने पत्तों पर अंक लिखकर पढ़ाई की इसलिए इस क्षेत्र को अंकपात कहा जाता है। षड़्विनायक गणेश मंदिर सीतामाता द्वारा स्थापित करने का वर्णन है।

उत्तरामुखी हनुमान मंदिर, हांडीफोड़ भैरव मंदिर के अलावा साधू-संतों के अखाड़े और अखाड़ों के प्राचीन मंदिर भी हैं जहां नगर निगम ने निर्माण तोडऩे के लिए निशान लगाए हैं। प्राचीन मंदिरों और इनके स्थल के स्वरूप में परिवर्तन होगा तो अवंतिका की पौराणिक पहचान भी प्रभावित होगा। यह क्षेत्र प्राचीन अवंतिका पुरी है, इसका स्वरूप बरकरार रहने दें।

प्राचीन मंदिर का सभा मंडप पूरा टूट जाएगा
प्राचीन उत्तरामुखी हनुमान मंदिर के पुजारी पं. अमित पाठक ने बताया सड़क चौडी़करण में सभामंडप पूरा टूट जाएगा और मंदिर का गर्भगृह ही बचेगा। यह मंदिर प्राचीन है जो तोडफ़ोड़ में प्रभावित होगा और जर्जर होकर गिर सकता है। जब मंदिर ही नहीं बचेंगे तो सिंहस्थ का स्वरूप ह खत्म हो जाएगा।
पं. अमित पाठक, पुजारी उत्तरामुखी हनुमान मंदिर

भगवान को जगह ही नहीं बचेगी
लक्ष्मीनारायण मंदिर के पुजारी लोकेश पंड्या ने बताया पिछले सिंहस्थ में मंदिर 8 फीट तोड़ा था। अब 7.9 मीटर और तोड़ा तो मंदिर में मूर्ति के लिए जगह ही नहीं बचेगी। पूरा मंदिर टूट जाएगा।

यह प्राचीन मंदिर हो रहे प्रभावित
श्री अविघ्न विनायक गणेश मंदिर (षटविनायक मंदिर)।
श्री नर्मदेश्वर महादेव महादेव मंदिर खाकी अखाड़ा
श्री हनुमान मंदिर (खाकी अखाड़ा)
श्री पुरुषोत्तम मंदिर का मुख्य द्वार
श्री उत्तरामुखी हनुमान मन्दिर
श्री वृहत्पतेश्वर महादेव एवं दत्तात्रेय मंदिर (उत्तरामुखी मंदिर प्रांगण)
श्री अन्नपूर्णा माताजी मन्दिर (उत्तरामुखी मंदिर प्रांगण)
राम मंदिर (बलाई समाज)
श्री राम हनुमान मंदिर लक्ष्मणदास जी महाराज
श्री हांडी फोड़ भैरव मंदिर
श्री वीर हनुमान मंदिर
श्री बड़ा राम मंदिर दिग्विजय दास महाराज
हनुमान मन्दिर लाल पत्वर
श्री मंगलमूर्ति सिद्धिविनायक गणेश मंदिर महंत बालक दास ग्वाल बाबा
श्री गोपाल धाम
श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (नौ नारायण में शामिल)
श्री राम मंदिर महामंगल धाम
श्री रविदास धाम मंदिर
श्री बांके बिहारी मंदिर
श्री राम एवं शिव मंदिर महेश धाम
श्री रामानंदाचार्य प्रतिमा व मंदिर

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