कंट्रोवर्सी : पेड और अनपेड गरबों को लेकर हिंदू जागरण मंच और आयोजक आमने-सामने

मंच वालों के बच्चे पेड गरबों में जा रहे- हर्षवर्धन राणा
बेटा नहीं भतीजा गया था, गरबा अनपेड था- अर्जुन सिंह
गरबा रास और ए -हालो के आयेाजकों ने मंच पदाधिकारी के घर के सामने मां की आरती की, गरबा खेलकर जताया आक्रोश
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पेड और अनपेड गरबों को लेकर हिंदू जागरण मंच और आयोजकों के मामले में रविवार को नया मोड़ आ गया। गरबा रास के आयोजक हर्षवर्धन राणा ने आरोप लगाया कि पेड गरबे रोकने वाले अर्जुन हिंदू भदौरिया के परिवार के बच्चे खुद पेड आयोजनों में शिरकत कर रहे हैं। राणा के आरोपों को भदौरिया ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि उनका भतीजा माधव क्लब में गरबा खेलने गया था। यह पेड नहीं था। इधर, गरबा रास और ए हालो के आयोजकों ने भदौरिया के आर्य समाज मार्ग आवास पर गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया। जेन-जी बच्चों ने यहां पहुंचकर मां की आरती की और गरबा खेला।
दरअसल, हिंदू जागरण मंच ने करीब एक महीने पहले ही शहर में पेड गरबा नहीं होने देने को लेकर प्रदर्शन किया था और अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया था। छह जगह पर 9 पेड आयोजन होने थे। आयोजकों में से सिर्फ राजमहल रिसोर्ट में होने वाले गरबा उत्सव के आयोजकों ने ही अपने गरबों को पेड बताते हुए अनुमति मांगी थी। शेष ने अपने आवेदन में पेड का जिक्र नहीं किया था। इन सभी को अनुमति जारी हो गई थी, इनमें से केसरिया रास, डांडिया बीट्स, अवंतिका नाइटस, रॉक एंड रोल एवं शुभारंभ ने अपने आयोजन किए भी। निगेटिव अभिमत देने पर प्रशासन ने गरबा रास की अनुमति निरस्त की और ए हालो ने अनुमति नहीं मिलने पर खुद ही गरबा कैंसिल कर लिया।
सुदामानगर में एकत्र हुई टीम फिर अर्जुन सिं ह भदौरिया के आर्यसमाज मार्ग आवास पर पहुंची: रविवार को गरबा रास के हर्षवर्धन राणा, अनिकेत वर्मा और ए हालो के आयोजक सुदामानगर में एकत्र हुए और हिंदू जागरण मंच के अर्जुनङ्क्षसह भदौरिया के आर्यसमाज स्थित आवास पर पहुंच गए। यह अपने साथ पोर्टबेल साउंड बॉक्स लेकर पहुंचे। इनमें एक युवती को मां के वेश में सजाया गया और उनकी आरती की गई। इस दौरान युवक-युवतियों ने गरबा खेला और अर्जुनसिंह भदौरिया को गुलाब के फूल भी दिए। इनके पास बैनर भी थे, इस पर लिखा था कि अगर गरबा करना अपराध है तो हां मैं अपराधी हूं।
विरोध का पहले पता होता तो गरबा अनुमति दिलवा देते
गरबा रास और ए हालो की टीम घर पर आई थी। उन्होंने आरती की और गरबा किया। अगर वह पहले बता देते तो उन्हें घर के सामने गरबा खेलने की अनुमति दिलवा देते। परिवार के बच्चों के पेड गरबे में जाने के आरोप गलत है। फोटो में दिख रहा किशोर भतीजा ओम प्रकाशहै। वह माधव क्लब में गया था।
अर्जुन सिंह भदौरिया, पदाधिकारी हिंदूजागरण मंच
आंखें खोलने पर धन्यवाद अदा करने गए थे
हिंदू जागरण मंच के थाना घेरने के बाद हमारे आयोजन की अनुमति एकाएक निरस्त की गई। मंच पदाधिकारी ने हमारी आंखें खोली की पेड गरबों में विधर्मी शामिल होते हैं। ऐसे में हम उनके घर पर आंखें खोलने के लिए उनका धन्यवाद अदा करने गए थे।
अनिकेत वर्मा
गरबा रास
अपने परिवार को नहीं रोक पाते, दूसरों को रोक रहे हैं
हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी अर्जुन सिंह भदौरिया पेड गरबों की खिलाफत करते हैं, पर उनके परिवार वाले ही पेड गरबा खेलते हैं। वह उन्हें तो रोक नहीं सकते, हमारा गरबा रुकवा दिया। हमनें गांधीवांदी तरीके से अपनी बात उनके सामने रखी है। काफी नुकसान हुआ है।
हर्षवर्धन राणा
गरबा रास
जिस माधव क्लब के पदेन अध्यक्ष संभागायुक्त, वहां के गरबों पर भी दिखा हिंदू जागरण मंच का असर..!
शहर के सबसे प्रतिष्ठित श्री माधव क्लब के गरबों पर भी इस बार हिंदू जागरण मंच का डर दिखाई दिया। इस क्लब के पदेन अध्यक्ष संभागायुक्त हैं और प्रशासनिक और पुलिस अफसर इसके सदस्य भी हैं। यह लोग क्लब की गतिविधियों में हिस्सा भी लेते रहते है। पॉलिटिशियन और शहर के नामी गिरामी लोग भी क्लब के सदस्य हंै।
बावजूद इसके क्लब के गरबों पर हिंदू जागरण मंच की अनपेड मुहिम का पूरा असर देखा गया। क्लब ने अपने मेंबर के लिए तीन दिवसीय गरबा 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित किया था। 7 अक्टूबर को भेजे मैसेज मेंं सदस्यों को गरबे में शामिल होने के लिए दी जाने वाली राशि की जानकारी भी दी गई थी। इसमें सदस्यों से तीन दिन के कपल पास के 500 रुपए लिए जाना थे जिसमें 300 रुपए के फूड कूपन भी शामिल थे। 14 से 21 साल के बच्चों के लिए पास की कीमत 300 रुपए थी। सदस्य के कपल गेस्ट के लिए तीन दिन के 2 हजार रुपए और एक दिन का शुल्क 1हजार रुपए था।
सदस्य के सिंगल लेडी पास की कीमत 1 हजार रुपए और 13 आयुवर्ग से ऊपर के लिए पास की कीमत 1 हजार रुपए थी। 16 अक्टूबर की सुबह अचानक क्लब प्रबंधन ने गरबा उत्सव को केवल क्लब सदस्य और उनके परिवार के लिए कर दिया। उसने तीन दिन के कपल पास की कीमत 500 और फूड की 300 रुपए रखी। । 14 से 21 आयुवर्ग के लोगों के लिए यह राशि 300 रुपए कर दी गई। इस दिन हिंदू जागरण मंच के जब शहर में प्रदर्शन का दौर शुरू हुआ तो क्लब प्रशासन एकाएक हरकत में आया और गरबा सभी क्लब सदस्यों के लिए एकदम फ्री कर दिया। क्लब प्रबंधन के गरबा आयोजन को लेकर बार-बार किए गए बदलाव को लेकर चर्चा भी रही। ऐसा माना गया कि हिंदू जागरण मंच की मुहिम से क्लब की छवि प्रभावित होने की आशंका थी, ऐसे में अंत में गरबे सबके लिए फ्री कर दिए गए।
तीन दिन में 600 लोगों ने की शिरकत
श्री माधव क्लब के गरबे में तीन दिन में करीब 600 लोगों ने शिरकत की। यह पूरी तरह मेंबर के लिए रहा। हालांकि फूड के लिए स्टॉल लगाए गए थे। इस संबंध में क्लब सचिव कैलाश माहेश्वरी ने बताया कि माधव क्लब के गरबे अनपेड और सिर्फ क्लब मेंबर के लिए थे। किसी से भी किसी तरह का शुल्क नहीं लिया गया। करीब 600 सदस्य तीन दिनी गरबे में शामिल हुए।









