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जोशीले यात्रियों ने पार्थिव शिवलिंग का किया पूजन

उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक जाने वाली सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का जोश

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भंडारे के बाद यात्रा शुरू, 70 दिन में 930 किलोमीटर की यात्रा पर निकले हजारों यात्री

उज्जैन। उज्जैन के शिवधाम से अयोध्या के रामधाम तक निकाली जा रही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का मंगलवार को उज्जैन से धमाकेदार आगाज हुआ। 80  साल के दिग्विजयसिंह ने 930 किलोमीटर की दूरी सफलतापूर्वक तय करने के लिए सबसे पहले चिंतामन गणेश का पूजन किया, फिर बाबा महाकाल से आशीर्वाद लिया। बालाजी गार्डन में उन्होंने पत्नी अमृता राय (सिंह) के साथ मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाएं, फिर इनका अभिषेक किया।

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पूजन-हवन के बाद उन्होंने कन्या पूजन किया और लोगों को भंडारे में भोजन प्रसादी बांटने के बाद यात्रा के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। उन्होंने बाबा से आशीर्वाद लिया और यात्रा शुरू की। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग चल रहे हैं। इनमें उनके समर्थकों की फौज है। दिन में यह उज्जैन शहर से होकर शाम तक कानीपुरा रोड स्थित साईकुंज पहुंचेंगे। यहां यात्रा का विश्राम होगा।

दिग्विजय सिंह की यह यात्रा वोट चोरी और राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी और कथित अनियमितताओं को लेकर है। उनके साथ यात्रा में कारसेवक संतोष दुबे शुरुआत से शामिल हो रहे हैं। रास्ते में राम मंदिर का निर्माण कराने वाले तत्कालीन इंजीनियर दीनानाथ वर्मा और एकाउंटेंट महिपाल सिंह भी शामिल होंगे।

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यह पांच मांग प्रमुख

– मौजूदा रामजन्म भूमि ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।

– राममंदिर की जिम्मेदारी रामालय ट्रस्ट को सौंपी जाए। यह ट्रस्ट पहले से कार्यरत है।

– रामालय ट्रस्ट में सभी शंकराचार्य, रामानंदी संप्रदाय के प्रमुख, निर्मोही अखाड़ा, गोरखनाथ पीठ का ही प्रतिनिधित्व हो।

– राम मंदिर में चढ़ावा चोरों का प्रश्रय देने वाले तत्कालीन महासचिव, कोषाध्यक्ष, सदस्यों पर प्रकरण दर्ज हो। इनकी गिरफ्तारी की जाए।

– राममंदिर ट्रस्ट में पॉलिटिशियन, विशेष संगठन के पदाधिकारियों को कभी भी शामिल नहीं किया जाए
दुबे के आरोप चांदी-सोने की शिलाएं गायब की: कार सेवक संतोष दुबे ने आरोप लगाया कि राममंदिर निर्माण के लिए करीब १२५० चांदी-सोने की शिलाएं श्रद्धालुओं ने भेजी थीं। यह सभी गायब हो चुकी हैं। इनको खुर्द-बुर्द करने में चंपत राय का योगदान है।

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