Popup Image
Advertisement

बंटी और बबली ने सब्जी का ठेला लगाने वाले से ठगे 5.58 लाख रु.

एएसएस बैंक का खुद को मैनेजर बताया, रुपए वापस मांगे तो धमकाया

Advertisement

उज्जैन। विद्यापति नगर में रहने वाले बंटी-बबली ने सब्जी का ठेला लगाने वाले युवक से मकान का लोन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी की। नीलगंगा थाना पुलिस ने मामले में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।

पुलिस ने बताया कि सचिन डोडिया पिता जगदीश डोडिया (30) निवासी कानीपुरा रोड को हाटकेश्वर विहार कॉलोनी में मकान खरीदना था। उसने लोन के लिए एसएस फाइनेंस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड में संपर्क किया था। दोस्त सुनील कायत निवासी कानीपुरा के माध्यम से उसका परिचय प्रीति उर्फ वैदिका दुबे पति उपेंद्र निवासी विद्यापति नगर से हुआ।

Advertisement

प्रीति ने स्वयं को बैंक मैनेजर बताया और सचिन को 25 लाख रुपए का लोन दिलाने की बात की। प्रीति और उसके पति ने सचिन से फाइल तैयार करने के नाम पर अलग-अलग समय में नकद व ऑनलाइन 5 लाख से अधिक रुपए लिए, लेकिन लोन पास नहीं कराया। इस बीच दोनों को ठगी के मामले में नीलगंगा पुलिस ने गिरफ्तार कर भैरवगढ़ जेल भेज दिया गया।

दोस्त और मां से भी की लाखों रुपए की ठगी
सचिन ने बताया कि उसके दोस्त सुनील कायत ने प्रीति के माध्यम से 2 लाख 30 हजार रुपए का लोन लिया था। प्रीति ने सुनील को बताया था कि लोन के रुपए की एफडी कर देते हैं जो 5 साल में डबल हो जाएगी। सुनील उसकी बातों में उलझा और रुपये दे दिए, लेकिन प्रीति ने एफडी नहीं की। प्रीति ने सचिन की मां रेखाबाई से तीन बार में 2 लाख 60 हजार रुपए उधार ले लिए, यह राशि भी नहीं लौटाई, यह मामला भी पुलिस तक पहुुंचा।

Advertisement

जेल से लौटे तो रुपए वापस मांगे
सचिन ने बताया कि वह सिंधी कॉलोनी चौराहे पर सब्जी का ठेला लगाता है। प्रीति और उपेंद्र एक ठगी के मामले में जेल गए तो उसने फ्रीगंज स्थित एएसएस बैंक में संपर्क किया। वहां पता चला कि लोन नहीं हो सकता। प्रीति और उपेंद्र जेल से छूटे तो उनसे सचिन ने रुपए वापस मांगे। प्रीति ने रुपए तो नहीं लौटाए लेकिन उसे धमकाने व दूसरे मामले में फंसाने की धमकी दी साथ ही मोबाइल पर गाली गलौज भी की।

दर्जन से अधिक ठगाए
सचिन ने बताया कि प्रीति व उसके पति उपेंद्र ने एक दर्जन से अधिक लोगों के साथ लाखों रुपए की ठगी की है। 6 माह पहले एक मामले में पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर चुकी है। जेल से छूटने के बाद दोनों फिर से ठगी करने लगे। कई लोग थाने के चक्कर काटने के बाद लौट गए लेकिन केस दर्ज नहीं कराया।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें