82 करोड़ से आकार ले रहा है 22 एमएलडी का सीवरेज प्लांट

पीलियाखाल व भैरवगढ़ नाले का पानी होगा ट्रीट
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 82 करोड़ की भारी-भरकम लागत से धन्वंतरि आयुर्वेदिक कॉलेज के पीछे 22 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट पीलियाखाल और भैरवगढ़ नाले के पानी का ट्रीटमेंट करेगा।
रविवार को निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा निर्माण कार्य देखने पहुंचे। न्होंने ने प्रस्तावित ड्राइंग-डिजाइन की समीक्षा की और इसका अनुमोदन करते हुए संबंधित एजेंसी को खुदाई का काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस परियोजना के तहत मंगलनाथ मंदिर के ठीक सामने 22 एमएलडी क्षमता का आईएनडी पंपिंग स्टेशन और भैरवगढ़ नाले पर 2.38 एमएलडी क्षमता का वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही 500 मीटर लंबी (200 एमएम व्यास) डीआई सीवेज पंपिंग मेन पाइपलाइन और 1500 मीटर लंबी सीवेज वाटर ट्रीटमेंट पाइपलाइन बिछाई जाएगी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पीलियाखाल और भैरवगढ़ नाले से निकलने वाले दूषित पानी को पूरी तरह से ट्रीट (साफ) कर क्षिप्रा नदी में छोडऩा है, जिससे नदी का जल पूरी तरह स्वच्छ बना रहे।
सीएम डॉ. यादव की महत्वपूर्ण योजना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा नमामि गंगे परियोजना के तहत मोक्षदायिनी शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त और संरक्षित बनाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सिंहस्थ के पहले क्षिप्रा नदी को स्वच्छ करने के उद्देश्य से नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं सीवेज पंपिंग स्टेशन यहां बनाया जा रहा है।
समय पर काम पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त ने समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उनके साथ अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय, कार्यपालन यंत्री साहिल मैदावाला सहित संबंधित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी भी थे।








