केदारनाथ मार्ग पर लैंडस्लाइड, 4 हजार श्रद्धालु फंसे

उत्तराखंड से बिहार तक बारिश का कहर
देहरादून/लखनऊ/पटना। देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड होने से करीब 4 हजार श्रद्धालु फंस गए हैं। पहाड़ी से लगातार मलबा गिरने के कारण मार्ग को खोलने में परेशानी आ रही है। खराब मौसम को देखते हुए आज केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। हेली सेवाएं भी बंद हैं।
केदारनाथ मार्ग पर लगातार गिर रहा मलबा
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ी से लगातार लैंडस्लाइड हो रही है। इससे रास्ता बाधित हो गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और राहत दल मार्ग को जल्द खोलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण काम में दिक्कत आ रही है।
मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। हेली सेवाएं भी मौसम साफ होने तक बंद रखी गई हैं।
उत्तराखंड के कई जिलों में अलर्ट
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड में अलग-अलग जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में रेड अलर्ट है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में ऑरेंज अलर्ट, जबकि बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
UP में 45 शहरों में लगातार बारिश
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है। लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या और जौनपुर समेत करीब 45 शहरों में लगातार बारिश हो रही है। कई इलाकों में 65 घंटे से बारिश का दौर जारी बताया गया है।
हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है। प्रदेश के 22 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। आंधी और बारिश से पिछले 2 दिनों में 57 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें प्रभावित हुई हैं। कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिरने से भी परेशानी बढ़ी है।
बिहार में गंडक-कोसी उफान पर
बिहार में साइक्लोन अर्नब का असर कमजोर पड़ने के बावजूद बारिश का दौर जारी है। राज्य में करीब 72 घंटे से लगातार बारिश हो रही है। नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
बाढ़ की स्थिति के चलते बिहार के 17 जिलों के करीब 6 हजार गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। करीब 500 घरों के आसपास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सुपौल के 50 गांवों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
पहाड़ से मैदान तक प्रशासन अलर्ट
उत्तराखंड में भूस्खलन और यात्रा मार्ग बाधित होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मौसम की स्थिति के आधार पर प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं।









