डीजीपी का रिश्तेदार बन ठगी करने वाला शातिर बदमाश गोधरा से हुआ गिरफ्तार

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। पुलिस विभाग के डीजीपी का करीबी रिश्तेदार बताकर वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाला शातिर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

महिदपुर पुलिस ने सायबर सेल की मदद से आरोपी बालूसिंह चौहान निवासी झारखेड़ी को गुजरात के गोधरा से हिरासत में लिया है। कोर्ट ने आरोपी को 2 दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। पुलिस के अब उसके साथ जितेंद्र बैरागी निवासी अंबेडकर कॉलोनी उज्जैन और लखन सिंह निवासी देवास नाका विजय नगर, इंदौर की तलाश है।
शिकायतकर्ता फतेहसिंह निवासी ग्राम तलोद, चिंतामण ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात आरोपी बालूसिंह से हुई थी। बालूसिंह ने वन विभाग में कई पद खाली होने का दावा करते हुए फतेहसिंह और गांव के अन्य युवक जितेंद्र, विकास, मुकेश और बलराम सहित अन्य युवकों से 80 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक (कुल 25 लाख से अधिक) नौकरी दिलाने के नाम पर ऐंठ लिए। इसके बाद वह परीक्षा दिलाने के नाम पर सभी युवकों को भोपाल ले गया लेकिन वहां एक होटल में ठहराकर अगले दिन यह कहकर वापस ले आया कि लिस्ट में नाम आ जाएगा।
महिदपुर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि पीडि़तों की शिकायत की जांच के बाद 15 मई को आरोपी के खिलाफ धारा 420, 120बी, 294 और 506 के तहत केस दर्ज किया गया था। सायबर टीम को मिली लोकेशन के आधार पर आरोपी को गोधरा में दबिश देकर पकड़ लिया।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बालूसिंह ने राजस्थान के जयपुर में भी कई बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है जो अब उसके खिलाफ मामला दर्ज करा रहे हैं। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला गया है। उस पर पहले से ही महिदपुर और आलोट थानों में हत्या का प्रयास, धोखाधड़ी, जालसाजी और षड्यंत्र जैसे गंभीर प्रकृति के 6 अपराध दर्ज हैं।









