सुगंध दशमी पर अभिषेक व शांतिधारा पूजन जिन वंदना के लिए निकलेंगे समाजजन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। दिगंबर जैन समाज द्वारा मंगलवार को सुगंध दशमी मनाई जा रही है। सुबह मंदिरों में धार्मिक आयोजन हुए। दोपहर 3 बजे के बाद समाजजन सभी 16 दिगंबर जैन मंदिरों में पहुंचकर जिन वंदना और अष्ट द्रव्य से धूप अर्पित करेंगे।

पयूर्षण पर्व के तहत मंगलवार को उत्तम संयम धर्म विधान की पूजन हुई। नयापुरा स्थित जैन मंदिर में सुबह विधान पूजन हुआ। मंदिर केे अध्यक्ष अशोक छाबड़ा, सचिव शैलेंद्र जैन नोहारकला व योगेंद्र बडज़ात्या ने बताया कि यहां प्रतिदिन दसलक्षण धर्म की पूजन चल रही है। सुबह अभिषेक व शांतिधारा पूजन होता है। दोपहर मेें समाजजन सभी १६ मंदिरों पर जिन वंदना के लिए निकलेंगे।
अतिशय क्षेत्र दिगंबर जैन मंदिर जयसिंहपुरा, नमकमंडी जिनालय में भी सुबह 6.30 बजे से अभिषेक, इसके बाद शांतिधारा और नित्य नियम पूजन के साथ 10 धर्मों की पूजन कर धार्मिक आराधना की गई। दोपहर में नमकमंडी जिनालय में सत्वार्थ सूत्र का वाचन हो रहा है। शाम को 6.30 से 7.30 बजे तक सामूहिक सामायिक व 7.30 से 8.30 तक भिंड से पधारे पं. अशोक कुमार द्वारा 10 धर्मों पर शास्त्रोक्त प्रवचन किया जा रहा है। लक्ष्मीनगर स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिश्री प्रणुतसागर महाराज के सान्निध्य पूजन-आराधना और प्रवचनों का दौर चल रहा है। सुबह शांतिधारा व पूजन के बाद मुनिश्री के प्रवचन हुए। दोपहर में तत्वार्थसूत्र का वाचन हुआ। रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम में सभी मंदिरों के अनुयायी शामिल होंगे।
क्षीरसागर मंदिर में विधान पूजन
क्षीरसागर स्थित श्री सीमांधर दिगंबर जिन स्वाध्याय जैन मंदिर पर प्रतिदिन 10 धर्मों की पूजन चल रही है। मंगलवार को यहां उत्तम संयम का विधान पूजन किया गया। जंबू जैन धवल ने बताया कि मंगलवार को उत्तम संयम का दिन है। इस दिन पूजन में सभी समाजजन विश्व के सभी जीवों की रक्षा के भाव से भगवान के सामने प्रतिज्ञा करते हैं। जैन सिद्धांतों के रहस्यों को समझाने के लिए मांडने की रचना की गई। दोपहर बाद जिन वंदना के लिए समाजजन सभी 16 मंदिर जाएंगे।
इसके बाद उदयपुर से आए पं. संदीप कुमार जैन द्वारा समय सार जी के आधार पर प्रवचन किए जा रहे हैं। दोपहर 3 बजे से तत्त्वार्थसूत्र का वाचन होगा। शाम को सामायिक होगी। फिर संस्कार पाठशाला और व्याख्यान होंगे। समाज के नयापुरा, ऋषिनगर आदि मंदिरों में भी धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं। इसके बाद प्रवचन हुए। यहां बच्चों को भी उत्तम संयम के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया गया।









