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गमछा और मास्क लगाकर प्रशासक ने परखीं महाकाल मंदिर की व्यवस्थाएं

रात 12 से सुबह 6 बजे तक लाइन में लगे, यात्रियों से पूछा ‘किसी ने रुपए तो नहीं मांगे’

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाराष्ट्र सीएम के बेटे के गर्भगृह में जाकर दर्शन करने के मामले में बवाल मचा हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं जिसके बाद रविवार को मंदिर प्रशासक और सहायक प्रशासक हुलिया बदलकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे।

गले में गमछा और मुंह पर मास्क लगाकर उन्होंने करीब 6 घंटे तक निरीक्षण किया। इस दौरान आम श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हो रहे हैं या नहीं, उनसे किसी तरह के रुपयों की डिमांड तो नहीं की जा रही आदि व्यवस्थाओं को देखा। दरअसल, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 12 बजे से निरीक्षण की शुरुआत हुई।

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गले में भगवा गमछा और मुंह पर मास्क लगाए प्रशासक गणेश धाकड़ ने सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह आम श्रद्धालुओं की लाइन में लगे और पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने श्रद्धालुओं से चर्चा भी की और पूछा उनसे किसी ने रुपए तो नहीं लिए। निरीक्षण का क्रम सुबह 6 बजे तक चलता रहा।

भस्मारती में कम रही श्रद्धालुओं की संख्या

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प्रतिदिन तड़के होने वाली भगवान महाकाल की भस्मारती विश्व प्रसिद्ध है। देशभर से आने वाले श्रद्धालु इसमें शामिल होने की आस लेकर मंदिर आते हैं। अमूमन वीकेंड पर सबसे अधिक भीड़ होती है लेकिन रविवार को भस्मारती में रोज की अपेक्षा श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि करीब ३०० श्रद्धालु कम रहे।

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