आखिर पत्र मिला.. अब फोरलेन ब्रिज का पूरा होगा सपना

फ्रीगंज ओवरब्रिज… पीडब्ल्यूडी जल्द कंपनी के साथ करेगा एग्रीमेंट

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फ्रीगंज ओवरब्रिज के बनने की राह साफ हो गई है। चेतन कंट्रक्शन कंपनी को ठेका देने के लिए विभाग ने लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी कर दिया है। इससे ओवरब्रिज का काम तेजी से दौड़ सकेगा। मंगलवार को ही कंपनी को पत्र जारी कर एग्रीमेंट के लिए कहा जाएगा। हालांकि कंपनी ने बोरिंग कर काम शुरू कर दिया है ताकि फाउंडेशन के काम जल्द शुरू किए जा सकें।
फ्रीगंज में बंद बिनोद मिल तरफ नया फोरलेन ब्रिज बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहर को एक सौगात देने के लिए भूमिपूजन कर चुके हैं। भूमिपूजन के बाद लोक निर्माण विभाग ब्रिज द्वारा ठेका नए सिरे से दिया गया है। अहमदाबाद (गुजरात) की चेतन कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 58 करोड़ रुपए में यह काम अपने हाथ में लिया है। टेंडर खुलने के बाद प्रदेश स्तरीय टेंडर कमेटी से मंजूरी मिलने में देरी होने से एलओए भी जारी नहीं हो सका था।
सूत्रों के अनुसार सोमवार शाम यह लेटर भी पीडब्ल्यूडी ब्रिज को मिल गया। इससे ब्रिज निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। अब कंपनी के साथ एग्रीमेंट और वर्क ऑर्डर की औपचारिक प्रक्रिया होना बाकी है। बहरहाल, सिंहस्थ 2028 से पहले इस ब्रिज के बनने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए रेलवे को 30 करोड़ रुपए पहले ही विभाग द्वारा जमा कराए जा चुके हैं। इससे रेलवे के सुपरविजन में ठेकेदार द्वारा रेलवे के हिस्से में भी आसानी से ब्रिज बनाया जा सकेगा।
सबसे पहले अक्षरविश्व में प्रकाशित खबर….
फ्रीगंज ओवरब्रिज की खबरों से ’अक्षरविश्व’ लगातार आप सभी पाठकों को अपडेट करता आ रहा है। नया टेंडर 58 करोड़ रुपए में खुलने की पहली 15 अप्रैल को शीर्षक ‘गुजरात की कंपनी 58 करोड़ रुपए से बनाएगी फ्रीगंज का ओवरब्रिज’ से प्रकाशित की थी।
3 ब्रांच का होगा नया फोरलेन
नया फोरलेन ब्रिज तीन ब्रांच का होगा। एक चामुंडा माता मंदिर चौराहे पर नगर निगम के नगर वन के पास बनेगी तो दूसरी ग्रांड होटल की तरफ। तीसरी ब्रांच मक्सी रोड की तरफ बनेगी। खास बात यह कि नए ब्रिज में मक्सी रोड की तरफ ज्यादा टर्निंग नहीं होगी।
पुराने ब्रिज का क्या होगा…?
फ्रीगंज में बने पुराने समय के ओवरब्रिज का क्या होगा, इसको लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है। अधिकारियों की मानें तो शासन स्तर पर ही निर्णय लिया जाएगा। नया ब्रिज बनने के बाद ही इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। पुराना ब्रिज सौ साल से भी ज्यादा पुराना है।
ब्रिज का यह सफर बड़ा लंबा है
जुलाई 2023 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने ओवरब्रिज निर्माण के लिए मंजूरी दी थी।
12 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा फोरलेन ओवरब्रिज निर्माण का भूमिपूजन।
फरवरी 2025 में 71.13 करोड़ का नया टेंडर लगा।
मार्च 2025 में फाइनेंशियल बीड में गुजरात की कंस्ट्रक्शन कंपनी का टेंडर खुला।
11 मई 2025 को प्रदेश टेंडर कमेटी ने टेंडर को स्वीकृति दी।
19 मई 2025 को लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस जारी किया गया था।
एलओए जारी कर दिया
अहमदाबाद की कंपनी को एलओए जारी कर दिया
गया है। कंपनी को पत्र भेजकर एग्रीमेंट करने के लिए कहा जाएगा। 15 दिन में यह प्रक्रिया करना होती है।
-पीएस पंत, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी ब्रिज









