20 हजार की रिश्वत लेते ADM का बाबू गिरफ्तार

उज्ज्वला सिलेंडर मामले में मांगे थे 50 हजार
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नागदा के एक युवक की मां के नाम के उज्जवला कनेक्शन के सिलेंडर की एजेंसी संचालक 7 साल से अफरा-तफरी कर रहा था। युवक को जब इस बात का पता चला तो उसने जनसुनवाई में शिकायत की। यहां से मामला फूड विभाग को भेज दिया गया। फूड विभाग ने अपनी जांच करके मामला एडीएम कार्यालय को भेज दिया। यहां का बाबू मामले को पुख्ता बनाने के लिए 50 हजार रुपए की घूस मांग रहा था। गुरुवार को वह 20 हजार रुपए लेते हुए उज्जैन प्रशासनिक संकुल में पकड़ा गया।
नागदा के बिरलाग्राम के रहने वाले ब्रजेश विश्वकर्मा के मां विजयलक्ष्मी के नाम धोखाधड़ी से 2019 में उज्जवला कनेक्शन 7083852303 फर्जी कागज पर जारी हुआ था। इस बात की जानकारी विजयलक्ष्मी को नहीं थी। यह कनेक्शन नागदा की श्री कृष्णा गैस एजेंसी ने जारी किया था। एजेंसी से सात साल के दौरान 14 सिलेंडर भी सप्लाई किए गए। लेकिन यह सिलेंडर किसी और को दिए गए।
ब्रजेश विश्वकर्मा ने जब गैल की साइट पर चैक किया तो उनकी मां के नाम कनेक्शन भी दिखा और सिलेंडर की सप्लाई भी। ऐसे में वे जनसुनवाई पहुंचे। यहंा से मामला फूड विभाग को भेज दिया गया। फूड विभाग ने इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम का मामला बताकर फाइल एडीएम कार्यालय भेजी थी।
धोखाधड़ी का प्रकरण चाहते थे ब्रजेश
दरअसल, फूड विभाग ने संबंधित एजेंसी पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इस स्थिति में एजेंसी पर सिर्फ जुर्माना ही हो सकता था। जबकि यह मामला सीधे-सीधे धोखाधड़ी का था। ऐसे में ब्रजेश विश्वकर्मा चाहते थे कि इस मामले में आपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो। एडीएम कार्यालय के बाबू रोहित गोठवाल ने धोखाधड़ी की प्रोसेस करने के लिए ५० हजार रुपए मांगे थे।
रिकॉर्डिंग लेकर पहुंचा
ब्रजेश रिश्वत मांगने की रिकार्डिंग लेकर लोकायुक्त एसपी के पास पहुंचा था। यह सुनने के बाद टीम को तैयार किया गया। गुरुवार दोपहर प्रशासनिक संकुल में पहली किस्त के 20 हजार रुपए देने के बाद ब्रजेश ने जैसे ही सिर पर हाथ रखा,टीम ने उसे दबोच लिया।
कार्यालय में मचा हड़कंप
प्रशासनिक संकुल में एडीएम कार्यालय के बाबू के रिश्वत के साथ पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। लोग तरह-तरह की बात करने लगे।
20 हजार लेते पकड़ा गया
एडीएम कार्यालय के बाबू रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है। उसने उज्जवला गैस योजना के सिलेंडर मामले में आपराधिक प्रकरण बनाने के लिए 50 हजार रुपए मांगे थे।
विनोद कुमार दीक्षित एसपी लोकायुक्त
मुझे मामले की जानकारी नहीं है
मुझे पूरे मामले की जानकारी नहीं है। मेरे पास उज्जवला की जांच संबंधी कोई फाइल नहीं आई है।
अत्येंद्रसिंह गुर्जर, एडीएम









