परिजनों की डांट से नाराज 10वीं की नाबालिग छात्राएं गलत ट्रेन में बैठीं, वाराणसी में उतारा

पंवासा पुलिस और सायबर टीम ने लोकेशन ट्रैक कर ढूंढ निकाला

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। परिजनों की डांट से 10वीं कक्षा की दो नाबालिग छात्राएं इतना नाराज हो गईं कि वह कोचिंग जाने का कहकर घर से निकली और ट्रेन में बैठकर भोपाल की जगह गलत ट्रेन में सवार हो गई। पंवासा पुलिस और सायबर टीम ने लोकेशन ट्रेन कर आपीएफ और जीआपी से संपर्क किया और दोनों को वाराणसी स्टेशन पर उतारकर समझाइश देकर उज्जैन भेजा गया।
दरअसल, घटना 13 नवंबर की है। थाना पंवासा में दो नाबालिग बालिकाओं की गुमशुदगी परिजनों ने दर्ज करवाई थी। दोनों ही कक्षा दसवीं की छात्रा है और प्रतिदिन दोपहर 2.30 बजे कोचिंग जाती थीं और शाम 4 बजे तक घर लौट आती थीं। 13 नवंबर को दोनों कोचिंग जाने का कहकर घर से निकली लेकिन शाम 6 बजे तक घर नहीं लौटीं। इसके बाद परिजनों ने कोचिंग सेंटर से जानकारी ली तो पता चला कि दोनों उस दिन कोचिंग नहीं आईं। परिजनों द्वारा आसपास एवं रिश्तेदारी में तलाश किया लेकिन कोई पता नहीं चला। जिसके बाद अज्ञात व्यक्ति द्वारा उन्हें बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई गई। दोनों बालिकाएं एक ही कोचिंग सेंटर में साथ पढ़ती थीं और परिजनों की डांट से नाराज होकर दोनों ने साथ में भोपाल भोपाल जाने का निर्णय लिया लेकिन गलती से असम जाने वाली मां कामख्या एक्सप्रेस टे्रन में सवार हो गईं।
ललितपुर-झांसी मिली लोकेश
दोनों बालिकाओं में से एक का मोबाइल चालू होने पर सायबर सेल में उसकी लोकेशन ट्रैक की जो ललितपुर-झांसी मिली। लगातार लोकेशन अपडेट करने पर पता चला कि बालिकाएं मां कामाख्या एक्सप्रेस में सवार है। इसके बाद आरपीएफ और रेलवे हेल्पलाइन 139 से संपर्क कर समन्वय स्थापित किया गया। इसके बाद वाराणसी रेलवे स्टेशन पर दोनों बालिकाओं को रेलवे पुलिस द्वारा सुरक्षित उतारा गया। समझाइश के बाद दोनों को मालवा एक्सप्रेस से उज्जैन भेजा गया। थाने पर दस्तयाब करने के उपरांत दोनों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।









