नववर्ष… रूद्राक्ष और डमरुओं से सज रहा बाबा महाकाल का दरबार

वडोदरा से 380 किमी का सफर कर सजावट करने पहुंचे बाइकर्स
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- डमरू 11 हजार
- रूद्राक्ष 5 लाख
- पिल्लर 80
- मेन गेट 4
- ग्रुप डमरूवाला फाउंडेशन
- सजावट कर रहे 51 बाइकर्स
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नव वर्ष के स्वागत के लिए भगवान महाकालेश्वर का दरबार किसी अलौकिक दृश्य से कम नजर नहीं आएगा। इस बार मंदिर की सजावट केवल फूलों से नहीं, बल्कि 5 लाख से अधिक रुद्राक्ष और 11 हजार डमरुओं से की जा रही है। इस कार्य को अंजाम देने के लिए गुजरात के बड़ौदा से 108 सदस्यों की एक विशेष टीम मंगलवार से काम में जुट गई है।
बड़ौदा के डमरू वाला ग्रुप के 108 सदस्य अपनी पहचान के अनुरूप बाइकों से उज्जैन पहुंचे हैं। टीम के मुख्य सदस्य नरेंद्र शाह ने बताया कि इससे पहले उनकी टीम को केदारनाथ मंदिर सजाने का सौभाग्य मिला था। इस बार महाकाल मंदिर को सजाने का अवसर मिला है, जिसका पूरा खर्च टीम के सदस्यों द्वारा ही उठाया जा रहा है। टीम के सदस्यों ने काम शुरू कर दिया है और लक्ष्य रखा गया है कि 31 दिसंबर की रात तक सजावट का कार्य पूर्ण कर लिया जाए, ताकि नव वर्ष की पहली सुबह जब श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचें, तो उन्हें मंदिर का एक अनूठा और दिव्य स्वरूप देखने को मिले।
इन प्रमुख स्थानों पर होगी सजावट
नंदी गेट और चांदी गेट- प्रवेश द्वारों को रुद्राक्ष की मालाओं और डमरुओं से भव्य रूप दिया जाएगा।
महाकाल लोक- यहां स्थित स्तंभों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है।
शिखर और नीलकंठ द्वार- मंदिर के ऊंचे शिखर और द्वारों पर पन्नी, बेल और झूमर के साथ सीएनसी कटिंग की कलाकृतियां लगाई जाएंगी।
नंदी हॉल- गर्भगृह के सामने स्थित नंदी हॉल में भी विशेष साज-सज्जा की जाएगी।
सजावट करने पहुंचे 51 बाइकर्स
श्री महाकालेश्वर मंदिर में सजावट करने पहुंचे वडोदरा के डमरूवाला फाउंडेशन के अध्यक्ष मेहुल पटेल ने बताया कि उनके ग्रुप में वैसे तो 108 सदस्य हैं लेकिन सजावट के लिए फिलहाल 51 बाइकर्स शामिल हैं जो सोमवार को सुबह 8 बजे वडोदरा से उज्जैन के लिए निकले थे और 380 किमी का सफर 10 घंटे में तय कर शाम 6 बजे यहां पहुंचे। इससे पहले केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर चुके हैं। यह दूसरा ज्योतिर्लिंग हैं। इसी तरह शेष 10 ज्योतिर्लिंग के दर्शन करेंगे।









