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बस-ई-रिक्शा और अव्यवस्थित पार्किंग से जाम

एलिवेटेड ब्रिज निर्माण से आगर रोड हुआ संकरा

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर के ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए बनाए जा रहे निर्माणाधीन एलिवेटेड ब्रिज के पिलर तैयार करने के लिए लगाई गई लोहों की चद्दरों के कारण आगर-उज्जैन मार्ग पर जाम लगने लगा है। इस परेशानी को बस-ई-रिक्शा की अव्यवस्थित पार्किंग और बढ़ा रही है। मुख्य मार्ग पर दिनभर ट्रैफिक जाम के हालत रहते हैं।

दरअसल, चामुंडा चौराहा से चरक भवन तक ब्रिज निर्माण के लिए सड़क के मध्य के डिवाइडर हटाकर दोनों ओर चद्दरों से बैरिकेडिंग की गई है। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा निर्माण कार्य के दायरे में आ गया है। यह सड़क दिन से लेकर रात तक भारी व्यस्त रहने वाली है, ऐसे में वाहनों के आवागमन के लिए उपलब्ध मार्ग पहले की तुलना में संकरा हो गया है। व्यस्त समय में यहां वाहनों की लंबी कतारें लगने और जाम जैसी स्थिति बनने लगी है।

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स्थिति को चुनौतीपूर्ण बनाने का एक अन्य कारण सड़क पर बसों और ई-रिक्शा का अव्यवस्थित ढंग से रुकना भी है। विशेषकर चामुंडा चौराहा क्षेत्र में कई बसें और ई-रिक्शा सवारियों के इंतजार में सड़क किनारे अथवा मार्ग में ही खड़े हो जाते हैं। पहले से सीमित हो चुकी सड़क पर वाहनों के इस ठहराव से यातायात की गति धीमी पड़ती है और कुछ ही समय में जाम की स्थिति बन जाती है। इसी के साथ आगर रोड की ओर फुटपाथों पर लगने वाली अस्थायी दुकानें भी यातायात व्यवस्था पर असर डाल रही हैं।

चामुंडा चौराहा के आसपास कपड़ों और अन्य सामग्री की दुकानें फुटपाथ के बड़े हिस्से तक फैल जाती हैं। इससे पैदल यात्रियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती और कई लोग सड़क किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर होते हैं। इससे संकरी हो चुकी सड़क पर यातायात का दबाव और बढ़ जाता है।

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देवास गेट चौराहे पर भी यही समस्या

अव्यवस्थित पार्किंग की यह समस्या पूरी सड़क पर है। यहां सड़क पर बसों व ई-रिक्शा के जमावड़े के कारण देवास गेट क्षेत्र में भी आए दिन यातायात प्रभावित होता है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन आसपास होने के कारण यहां शहरवासियों के साथ बाहर से आने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है।

कई बार बसें और ई-रिक्शा निर्धारित स्थान के बजाय सड़क किनारे अथवा सड़क के हिस्से में खड़े नजर आते हैं। इससे सड़क का एक हिस्सा वाहनों के खड़े होने में उपयोग होने लगता है और आवागमन के लिए उपलब्ध जगह कम पड़ जाती है। यातायात का दबाव बढ़ते ही जाम की स्थिति बन जाती है।बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के कारण यात्रियों की आवाजाही अधिक होने से ई-रिक्शा और अन्य वाहन यात्रियों को लेने-छोडऩे के लिए सड़क किनारे रुकते हैं।

तय स्थान और सख्त निगरानी की जरूरत

आंखों देखा हाल

एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण कार्य अभी मुख्य रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वार से लगा कर चामुंडा माता मंदिर तक चल रहा है। इन्हीं जगह पर लोहे की चादरों से बैरिकेडिंग की गई है।

1 चामुंडा माता चौराहा पर सिग्नल खुलते ही बड़ी संख्या में वाहन एक साथ आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। लेकिन इससे पहले ही चौराहे का एक बड़ा हिस्सा बसों, ई-रिक्शा, मैजिक सहित यात्री वाहनों के अस्थायी ठहराव में उपयोग हो रहा है। देवास गेट के बाद यह प्रमुख चौराहा होने के कारण यहां वाहनों को सवारियां मिलने की संभावना अधिक रहती है और कई वाहन यात्रियों के इंतजार में सड़क किनारे खड़े रहते हैं।

निर्माण कार्य के कारण इस हिस्से में सड़क की उपलब्ध चौड़ाई करीब 15 से 20 फीट रह गई है। ऐसे में दो बड़े वाहनों का एक साथ निकलना मुश्किल हो रहा है। दुकानों पर आने वाले लोगों और दुकानदारों के वाहन भी सड़क किनारे खड़े होने से रास्ते का कुछ हिस्सा घिर जाता है। परिणामस्वरूप सिग्नल खुलने के बाद एक साथ आने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनने लगती है।

बुधवार दोपहर 1.20 बजे बड़ा ट्रक चामुंडा चौराहा से गुजरा। ट्रक के निकलते समय उसके दोनों ओर अन्य वाहनों के लिए जगह ही नहीं बची और पीछे वाहनों की लंबी कतार लग गई। व्यस्त समय में किसी बड़े वाहन के गुजरने पर इस मार्ग पर यातायात की रफ्तार प्रभावित हो रही है।

2 एलिवेटेड ब्रिज निर्माण का दूसरा हिस्सा नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वार के सामने है। यहां सड़क की अनुमानित चौड़ाई अब करीब 15 फीट बची है, जो मुख्य मार्ग के यातायात दबाव के हिसाब से काफी कम है। स्थिति ऐसी है कि यहां एक साथ दो बड़े वाहनों, जैसे बस या ट्रक, का निकलना संभव नहीं दिखता।

सड़क संकरी होने के पीछे दो प्रमुख कारण सामने हैं। सड़क के किनारे लगे बिजली के पोलों के कारण उपलब्ध रास्ता और कम हो गया है।

 दूसरी ओर फुटपाथ तक फैली दुकानें और उनके सामने खड़े ग्राहकों एवं दुकानदारों के वाहन भी यातायात में बाधा बन रहे हैं। कई स्थानों पर सड़क ही वाहनों की अस्थायी पार्किंग का स्थान बन गई है।

मौके पर यह स्थिति भी दिखाई दी कि एक बस के सड़क से गुजरने के दौरान दूसरे वाहन को निकलने के लिए पर्याप्त जगह ही नहीं बची। ऐसे में यदि सामने से दूसरा बड़ा वाहन आ जाए तो यातायात रुकने और वाहनों की कतार से जाम की आशंका है।

चालानी कार्रवाई होगी
आगररोड पर यातायात जाम की स्थिति को देखते हुए दो ट्रैफिककर्मियों की ड्यूटी स्थायी तौर पर लगाई जाएगी। अवैध पार्किंग वालों पर भी चालानी कार्रवाई की जाएगी।
दिलीपसिंह परिहार,
ट्रैफिक डीएसपी पूर्व

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