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₹1 करोड़ लेकर चेतन को दिए, सिया पर कैब ड्राइवर का बड़ा दावा

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल ने केतन से शादी की शॉपिंग करने के नाम पर 1 करोड़ रुपये लिए थे। लेकिन सिया ने उन पैसों से कोई शॉपिंग नहीं की, बल्कि वह पूरी रकम अपने प्रेमी और मर्डर के सह-आरोपी चेतन चौधरी को दे दी थी।

 

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इस बीच, केतन और सिया को उनकी बाली (इंडोनेशिया) प्री-वेडिंग ट्रिप के लिए 6 जून को एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब ड्राइवर वैभव जाधव का बेहद अहम बयान सामने आया है, जो सिया की साजिश की तरफ इशारा करता है।

कैब ड्राइवर का बयान: रास्ते में हुआ था विवाद, सामान बूट में छिपाया

कैब ड्राइवर वैभव जाधव के मुताबिक, सिया इस ट्रिप पर बाली नहीं जाना चाहती थी। सफर के दौरान की कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

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  • भाई से बहस: रास्ते में सिया की अपने भाई साहिल से किसी बात को लेकर तीखी बहस हो रही थी।
  • सामान छिपाना: रास्ते में गाड़ी एक फूड कोर्ट पर रुकी, जहाँ सभी लोग खाने-पीने चले गए। कुछ देर बाद सिया अकेले वापस आई, गाड़ी से कुछ सामान निकाला और उसे अपने बूट (जूते) में छिपाकर वापस चली गई।
  • पासपोर्ट गायब होना: ड्राइवर ने सबको एयरपोर्ट छोड़ दिया। बाद में उसके पास कॉल आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में छूट गया है। जब ड्राइवर ने एयरपोर्ट पहुंचकर गाड़ी की पूरी तलाशी ली, तो गाड़ी में कोई पासपोर्ट नहीं मिला।

पुलिस का दावा: पानी पीने का इशारा मिलते ही चेतन ने केतन को खाई में धकेला

पुणे पुलिस ने 28 जून को लोहगढ़ किले पर ले जाकर केतन मर्डर का क्राइम सीन रीक्रिएट किया। पुलिस जांच में मर्डर प्लानिंग को लेकर निम्नलिखित बातें सामने आई हैं:

  • इशारा मिलते ही मर्डर: 18 जून को लोहगढ़ किले पर सिया गोयल पानी पीने या अपने जूते का फीता बांधने के बहाने जमीन पर बैठ गई। यह असल में चेतन चौधरी के लिए इशारा था। इशारा मिलते ही पीछे चल रहे चेतन ने केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया।
  • बैठने की वजह: पुलिस के अनुसार, सिया इसलिए नीचे बैठ गई थी ताकि ऊंचाई से गिरते वक्त केतन बचने के लिए उसे पकड़ न सके।
  • कैफे में प्लानिंग और रिहर्सल: सिया और चेतन ने हत्या से एक दिन पहले (17 जून) पुणे के लुल्लानगर के एक कैफे में बैठकर पूरा प्लान तैयार किया था। दोनों वारदात से पहले भी लोहगढ़ किले पर आए थे, जहाँ उन्होंने हत्या के लिए सही जगह चुनी और बकायदा मर्डर की रिहर्सल भी की थी।
  • टोल से बचने के लिए स्कूटर का इस्तेमाल: चेतन टोल प्लाजा पर अपनी कार का रिकॉर्ड दर्ज होने से बचाना चाहता था। इसलिए वह पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहगढ़ किले तक स्कूटर से पहुंचा। उसने रास्ते में पहचान छिपाने के लिए हूडी (Hoodie) पहनी थी, जिसे किले पर पहुंचकर उतार दिया और मर्डर के बाद वापस पहन लिया। पुलिस ने वह स्कूटर जब्त कर लिया है।

वारदात से पहले की टाइमलाइन: कब क्या हुआ?

  • 11 फरवरी: केतन और सिया की सगाई हुई। इसके बाद केतन उसे अक्सर घर लाता था और साथ घुमाने ले जाता था। केतन को ट्रैकिंग (पहाड़ी चढ़ने) का शौक था, इसलिए उसने सिया से लोहगढ़ किला चलने को कहा। यहीं सिया के दिमाग में मर्डर का प्लान आया।
  • 5 जून: सिया ने दोबारा किला जाने की जिद की लेकिन केतन नहीं माना। 6 जून को दोनों की बाली ट्रिप बुक थी। पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने पहले ही केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया था।
  • 14 जून (दूसरी कोशिश): सिया के कहने पर दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया, लेकिन एक पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। जब केतन ने पूछा कि धक्का क्यों दिया, तो सिया ने झूठ बोला कि वहाँ एक सांप था और वह उसे बचा रही थी। केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया ने उसकी जान बचाई।
  • 18 जून (तीसरी कोशिश में मर्डर): 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। लेकिन सिया ने उससे पहले प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने केतन को फिर लोहगढ़ किले पर बुलाया। इस बार पीछे-पीछे उसका बॉयफ्रेंड चेतन भी था और दोनों ने मिलकर केतन को धक्का दे दिया।

सिया के प्रेमी संग दो पुराने वीडियो आए सामने

मामले की जांच के बीच सिया और उसके प्रेमी चेतन के दो पुराने वीडियो भी सामने आए हैं:

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  • मैच देखते वीडियो: पहले वीडियो में दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं (तारीख अज्ञात)।
  • कैफे का वीडियो: दूसरा वीडियो पुणे के एक कैफे का है, जो मर्डर से ठीक एक दिन पहले यानी 17 जून का है। दावा है कि दोनों इसी कैफे में बैठकर मर्डर की आखिरी प्लानिंग कर रहे थे।

सिया के वकील की दलील: पुलिस हिरासत का बयान सबूत नहीं

सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा दिया गया बयान अदालत में पुख्ता सबूत नहीं माना जाता। वे कोर्ट में यह सवाल उठाएंगे कि शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को महज एक ‘हादसा’ क्यों माना था और बाद में इसे अचानक हत्या का केस कैसे बना दिया गया। वकील का कहना है कि पुलिस को सिया से पूछताछ के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है, इसलिए अब उसे और पुलिस रिमांड में रखने की कोई जरूरत नहीं है।

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