चरक भवन में जलसंकट, बाल्टियों से ला रहे

मरीज के परिजन बोले- गंदगी हो रही, सिविल सर्जन ने कहा- कल टीएल में कलेक्टर को बताएंगे

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल चरक में एक बार फिर से पानी का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि पानी के अभाव में मरीज और उनके अटेंडरों को काफी परेशानियों हो रही है। रविवार को स्थिति यह हो गई कि स्टॉफ के साथ मरीज के परिजनों को नीचे जाकर बाल्टियों से पानी भरकर लाना पड़ा। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताई।
दरअसल, 6 मंजिला चरक अस्पताल में सभी तरह की सुविधाएं देने का दावा किया जाता है लेकिन इसकी जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यहां मरीजों और उनके परिजनों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। रविवार को भी अस्पताल में पानी का संकट खड़ा हो गया, टॉयलेट में डालने तक के लिए पानी नहीं था। जिसके चलते स्टॉफ और मरीज के परिजनों को अस्पताल परिसर स्थित बोरिंग से बाल्टियों में पानी भरकर चौथी और पांचवीं मंजिल तक लाना पड़ा। इससे वह खासे नाराज नजर आए और अस्पताल प्रबंधन पर अपनी भड़ास निकाली।
एक बोरिंग के भरोसे अस्पताल
दरअसल, चरक में पहले तीन बोरिंग थे लेकिन एक बोरिंग सडक़ चौड़ीकरण में चला गया, जबकि दूसरे पर हॉस्पिटल परिसर में डॉक्ट्र्स और नर्सेस के लिए बने क्वाट्र्स में रहने वालों का कब्जा है। फिलहाल एक ही बोरिंग पर पूरा अस्पताल निर्भर है जिसके चलते आए दिन इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा जिला अस्पताल के बोरिंग भी निर्माण के चलते खत्म हो गए। ऐसे में नगर निगम ने चरक में बोरिंग करवाने के लिए कहा था जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन ने पत्र भी लिखा लेकिन अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई।
मरीजों ने जताई नाराजगी
पिछले 5 दिनों में मैं यहां भर्ती हूं। पानी नहीं होने से काफी परेशानी आ रही है, टॉयलेट में डालने तक के लिए भी पानी है।
लालू सेठी, मरीज
पानी की काफी दिक्कत है। नीचे से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। वॉशरूम में भी काफी गंदगी हो रही है जिससे यहां ठहरना मुश्किल है।
ममता चौहान, परिजन
कलेक्टर को बताएंगे समस्या
अस्पताल में सेंट्रलाइज एयरकूल्ड, लॉन्ड्री सहित अन्य कामों में पानी का इस्तेमाल होता है जिससे पानी खत्म हो जाता है। मेडिसिटी के निर्माण में अस्पताल के बोरिंग खत्म हो गए। नगर निगम को पांच बोरिंग करवाकर देना है लेकिन हम सिर्फ दो की ही मांग कर रहे हैं। सोमवार को टीएल बैठक में इस परेशानी से कलेक्टर को अवगत करवाया जाएगा।
संगीता पलसानिया, सिविल सर्जन









