CM शुभेंदु का बांग्लादेशियों पर सख्त बयान, जल्दी लौटने की चेतावनी

पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को सख्त संदेश देते हुए कहा कि जो लोग अवैध तरीके से रह रहे हैं, वे तुरंत देश छोड़ दें, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से ऐसे संदिग्ध बांग्लादेशियों की पहचान कर पुलिस को सौंपने की अपील की और कहा कि इसके बाद BSF उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी करेगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अवैध घुसपैठियों को जेल में रखकर सरकार बोझ नहीं उठाएगी।
इसी बीच नॉर्थ 24 परगना के हाकिमपुर चेक पोस्ट पर 100 से ज्यादा विदेशी नागरिकों के जुटने की खबर सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि ये लोग पश्चिम बंगाल के अलग-अलग इलाकों में अवैध रूप से रह रहे थे और अब बांग्लादेश लौटने के लिए बॉर्डर पहुंचे हैं। वहीं मुर्शिदाबाद ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां तीन बांग्लादेशी नागरिकों को होल्डिंग सेंटर भेजा गया है। इन लोगों को अवैध तरीके से भारत में प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
राज्य सरकार ने हाल ही में ‘डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट’ नीति लागू करने की दिशा में सभी जिलों को निर्देश जारी किए हैं। 23 मई को जारी आदेश के तहत संदिग्ध विदेशी नागरिकों और डिपोर्टेशन का इंतजार कर रहे लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर बनाए जाएंगे। यहां संदिग्धों को अधिकतम 30 दिनों तक रखा जाएगा, जहां उनकी पहचान, दस्तावेज और नागरिकता की जांच होगी। इस दौरान उनका बायोमेट्रिक डेटा भी लिया जाएगा और जानकारी केंद्रीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उन्हें सीमा सुरक्षा एजेंसियों को सौंपा जाएगा।
सरकार का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत की जा रही है, जिसमें निगरानी, हिरासत और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ा गया है। वहीं CAA के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण आए कुछ अल्पसंख्यक समुदायों को राहत दी गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जो लोग CAA के दायरे में नहीं आते, उन्हें अवैध घुसपैठिया माना जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए 27 किलोमीटर जमीन BSF को सौंप दी गई है, जहां फेंसिंग और सुरक्षा ढांचा तैयार किया जाएगा।









