बोमा स्थल पहुंचे सीएम, हेलिकॉप्टर से कृष्णमृग रेस्क्यू अभियान देखा…

दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों से समझी प्रक्रिया, दो दिन में 280 वन्यजीवों का रेस्क्यू, अब तक आंकड़ा 1,275 पार
शाजापुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार सुबह ग्राम कुलमनखेड़ी स्थित बोमा स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों की टीम द्वारा कृष्णमृग (ब्लैकबक) और नीलगायों के रेस्क्यू एवं स्थानांतरण अभियान का निरीक्षण किया। करीब एक घंटे तक मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू की प्रक्रिया देखी और विशेषज्ञों से अभियान की जानकारी ली। बोमा पद्धति के तहत वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से एकत्रित कर परिवहन वाहनों के माध्यम से दूसरे स्थान पर भेजा जा रहा है। अभियान में हेलिकॉप्टर की मदद से कृष्णमृगों को निर्धारित रास्ते से बोमा स्थल तक लाया जाता है, जहां विशेष घेराबंदी के बीच उन्हें सुरक्षित पकड़ा जाता है।
हेलीपैड पर किया स्वागत
मुख्यमंत्री का आगमन ग्राम रंथभंवर स्थित हेलीपैड पर हुआ। यहां शाजापुर विधायक अरुण भीमावद, कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसौदिया सहित जनप्रतिनिधियों और संभागायुक्त आशीष सिंह, आईजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर डॉ. परीक्षित संजय राव झाड़े और पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए बोमा स्थल और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। बिना अनुमति किसी को नहीं जाने दिया।
280 वन्यजीवों का किया 2 दिन में रेस्क्यू
किसानों की फसलों को कृष्णमृग और नीलगायों से होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत ग्राम बडिग़ांव में सोमवार को 169 और मंगलवार को 111 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया गया। इस तरह दो दिनों में कुल 280 वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ा गया। जिले में अब तक रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों की संख्या 1,275 हो गई है।









