मंगलनाथ से सीधे अंगारेश्वर का रास्ता

सिंहस्थ के लिए सरकार की नई योजना, वर्तमान ब्रिज का होगा विस्तार
प्रशासन योजना बनाने में जुटा, एस्टीमेट की तैयारी
सुधीर नागर|उज्जैन। देशभर से अंगारेश्वर मंदिर आने वाले दर्शनार्थियों के लिए अच्छी खबर है। यह कि सिंहस्थ 2028 के लिए मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव ऐसी योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी कर रही है, जिससे मंगलनाथ और अंगारेश्वर मंदिर आपस में रोड से जुड़ जाएंगे। सिद्धवट मंदिर के लिए भैरवगढ़ का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। प्रशासन योजना का एस्टीमेट तैयार कर रहा है।
इसके तहत मंगलनाथ मंदिर से पहले शिप्रा नदी पर बने पुराने ब्रिज का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसे टू लेन या फोरलेन किया जाएगा। इसे अंगारेश्वर मंदिर से सीधा जोड़ा जाएगा। इसके लिए शिप्रा नदी पर एक नया ब्रिज बनाया जाएगा, जो सीधे अंगारेश्वर और मंगलनाथ मंदिर को जोड़ देगा। लोक निर्माण विभाग इसके लिए रोड बनाएगा और सेतु विभाग इस पर पुल बनाएगा। सूत्रों के अनुसार इसकी डीपीआर तैयार कराई जा रही है। जल्द ही सरकार को भेजकर इसकी मंजूरी ली जाएगी। अभी अंगारेश्वर जाने के लिए कमेड़ गांव की तरफ से ब्रिज पार कर जाना पड़ता है।
सिद्धवट से भी जोडऩे की योजना अंगारेश्वर और सिद्धवट मंदिर को भी पुल से जोडऩे की योजना है। इसके लिए सरकार ने फिजीबिलिटी तलाशने का निर्देश दिया है। इससे दर्शनार्थी सीधे अंगारेश्वर मंदिर से सिद्धवट तक जा सकेंगे। इसके लिए भैरवगढ़ का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
अभी एस्टीमेट तैयार हो रहा
अंगारेश्वर मंदिर को सीधे मंगलनाथ मंदिर से जोडऩे के लिए शिप्रा नदी पर ब्रिज और रोड बनाने की योजना है। मंगलनाथ मंदिर पर बने छोटे पुल का चौड़ीकरण भी होगा। नीरजकुमार सिंह, कलेक्टर









