तेज आवाज में डीजे बजाया, पुलिस ने सबक सिखाया

डीजे वाहन जब्त कर प्रकरण दर्ज किया

उज्जैन। बारात में देर रात तेज आवाज में डीजे बजाकर लोगों को परेशान करने वालों को बडऩगर पुलिस ने सबक सिखा दिया। पुलिस ने एक्शन लेते हुए डीजे वाहन जब्त करते हुए संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दिया। एएसपी ग्रामीण अभिषेक रंजन और एसडीओपी महेंद्र परमार के मार्गदर्शन में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस ने कहा कि जो भी नियमों का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जाएगी।
बडऩगर टीआई अशोक कुमार पाटीदार ने बताया गुरुवार रात मुख्य मार्ग पर डीजे वाहन बहुत जोर-जोर से गाना बजाते हुए जा रहा था जिसके पीछे-पीछे दूल्हे की बारात निकल रही थी। निर्धारित डेसीबल से ज्यादा आवाज में डीजे बजाया जा रहा था जिससे आसपास के भवनों में कंपन्न हो रहा था और आम लोगों को भी काफी तकलीफ हो रही थी। इसके अलावा मुख्य मार्ग पर ही प्रायवेट और शासकीय अस्पताल भी है जिसमें भर्ती मरीज भी डर रहे थे।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डीजे संचालक वीरेंद्र पिता इंदरसिंह पंवार (२4) निवासी ग्राम सनावदा से डीजे बजाने की अनुमति चाही लेकिन उसके पास अनुमति नहीं थी। इसके बाद इसे बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए डीजे संचालक वीरेंद्र पंवार के खिलाफ मप्र कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर डीजे वाहन क्रमांक एमपी 13 जीए 6120 मय डीजे (07 बॉक्स, 06 चोगे) को जब्त कर थाने लाया गया।
नहीं होता प्रतिबंध का पालन
दरअसल, जिला दंडाधिकारी एवं कलेक्टर द्वारा ध्वनि प्रदूषण के संबंध में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज आवाज में लाउड स्पीकर या डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाया है। इसके अलावा कितने डेसीबल में लाउड स्पीकर बजेगा, इसका मानक भी तय किया है, बावजूद इसके डीजे संचालक इसका पालन नहीं करते और निर्धारित डेसीबल से ज्यादा आवाज में डीजे बजाते हैं।
डीजे की तेज आवाज से नुकसान
डॉक्टर्स का कहना है कि डीजे की तेज आवाज हार्ट बीट बढ़ाती है, बीपी बढ़ाती है और खून को गाढ़ा कर सकती है जिससे हार्टअटैक का खतरा बढ़ता है।
तेज आवाज से दिमाग की नसें फट कसती हैं और बे्रन हेमरेज का खतरा बढ़ जाता है।
कान की नसें और कोशिकाएं स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं जिससे बहरापन आ सकता है।
तेज शोर से सिरदर्द और चक्कर आ सकते हैं और ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है।









