पुलिस बेड़े में आए डॉली और जैक, सूंघकर पकड़ लेते हैं अपराधी को

भोपाल स्कूल से टै्रंड लेब्राडोर और जर्मन शेफर्ड डॉग उज्जैन में देंगे वीआईपी ड्यूटी
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। जिला पुलिस अमले में दो और स्निफर डॉग बढ़ गए हैं। भोपाल के डॉग स्कूल से करीब एक साल की ट्रेनिंग पूरी कर ये दोनों डॉग वीआईपी ड्यूटी और बीडीडीएस (बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड) में सेवाएं देंगे। इनके आने से स्क्वॉड में स्निफर डॉग की संख्या बढक़र 6 हो गई है।
ये डॉग डॉली (लेब्राडोर) और जैक (जर्मन शेफर्ड) वीआईपी सुरक्षा, बम डिटेक्शन, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध वस्तुओं की जांच के लिए विशेष रूप से ट्रैंड किए गए हैं। दोनों की उम्र करीब डेढ़ साल है। भोपाल की 23वीं बटालियन के ट्रेनिंग स्कूल में एक साल की ट्रेनिंग के दौरान इन स्निफर डॉग्स को विपरीत परिस्थितियों में भी शांत रहकर काम करने के लिए तैयार किया गया है। इन्हें तेज आवाज, भारी भीड़ और आपात स्थितियों के बीच संदिग्ध वस्तुओं को सूंघकर तुरंत संकेत देने की कला सिखाई गई है। वर्तमान में इन्हें उज्जैन पुलिस लाइन में रखा गया है।
गर्मी में रहती है स्पेशल डाइट
पुलिस विभाग के डॉग ट्रेनर विनोद मीणा बताते हैं कि पुलिस लाइन में इनकी दिनचर्या पूरी तरह अनुशासित है। सुबह एक्सरसाइज, नियमित ट्रेनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण के साथ इनकी डाइट का विशेष ख्याल रखा जाता है। खासकर गर्मी के दिनों में इन्हें दही-चावल, पौष्टिक डॉग फूड और पर्याप्त ठंडा पानी दिया जाता है। मीणा बताते हैं किसी भी पुलिस डॉग की कार्यक्षमता उसके हैंडलर (मास्टर) के साथ भावनात्मक जुड़ाव पर निर्भर करती है। ये डॉग हमारे इशारों और आवाज को बखूबी पहचानते हैं।
पुलिस डॉग स्क्वॉड में अब 6 जांबाज
स्नीफर टै्रैंड – डॉली (लेब्राडोर), जैक, खली व मैक्सी जर्मन शेफर्ड प्रजाति के। स्नीफर ट्रैंड। सूंघकर हथियार, विस्फोटक, संदिग्ध को पहचानने में माहिर।
ट्रैकर- लॅकी (जर्मन शेफर्ड)। चोरी या अपराधिक मामले में संदिग्धों को सूंघकर तलाशने के लिए विशेष ट्रैंड।
नारकोटिक्स- बाल्डोर (जर्मन शेफर्ड)। मादक पदार्थ, ड्रग्स आदि तलाशने में माहिर।









