सवारी से पहले एक्शन, महाकाल क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण

सामान जब्त किया, कलेक्टर ने सवारी की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में दिए थे निर्देश

उज्जैन। श्रावण और भादौ माह में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारियों को देखते हुए महाकाल क्षेत्र में पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए सोमवार को नगर निगम की टीम एक्शन में नजर आई। महाकाल पुलिस के साथ रिमूवल गैंग ने क्षेत्र से २०० से ज्यादा अतिक्रमण हटाए ताकि सवारी के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इस दौरान बांस-बल्लियां, तिरपाल, ठेले, गुमटियां, काउंटर आदि सामान जब्त कर ट्रैक्टर-ट्रॉली से निगम कार्यालय भेजा गया।
दरअसल, अतिक्रमण को पूरी तरह से हटाने के निर्देश ६ जुलाई को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभाकक्ष में श्रावण एवं भादौ माह में निकलने वाली सवारी की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने दिए थे। इसके बाद कलेक्टर अधिकारियों को साथ लेकर सवारी मार्ग के निरीक्षण करने भी पहुंचे थे। इसी आदेश के पालन में टीम एक्शन में नजर आई। आपको बता दें कि इसमें अधिकांश वह दुकानें-गुमटियां थीं जो लोगों ने किराए पर दूसरों को चलाने के लिए दी हुई थी।
दीवार गिरने पर चला था अभियान
तत्कालीन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के कार्यकाल में सितंबर-२०२४ में धुआंधार बारिश के चलते महाकाल क्षेत्र में दीवार गिरने की घटना हुई थी जिसके मलबे में दबकर दो लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद महाकाल क्षेत्र में अभियान चलाकर नगर निगम ने महाकाल पुलिस की मदद से अतिक्रमण साफ कर दिया था लेकिन इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति पुराने ढर्रे पर लौट आई। हालांकि, इसके बाद भी कई बार अतिक्रमण हटाया गया लेकिन सख्ती नहीं होने के कारण स्थिति फिर वही हो गई।
11 जुलाई से श्रावण की शुरुआत 14 को पहली सवारी
11 जुलाई से पवित्र श्रावण माह की शुरुआत होगी और पहली सवारी 14 जुलाई को निकलेगी। इसी तरह दूसरी सवारी 21 जुलाई, तीसरी 28 जुलाई, चौथी 4 अगस्त, पांचवीं 11 अगस्त और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकाली जाएगी। पहली सवारी में पालकी में श्री मनमहेश, द्वितीय में श्री चंद्रमौलेश्वर और हाथी पर श्री मनमहेश, तीसरी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश और गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव, चौथी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव और नंदी रथ पर श्री उमा-महेश, पांचवीं सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश और रथ पर श्री होलकर स्टेट और राजसी सवारी में पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव नंदी रथ पर श्री उमा महेश, रथ पर श्री होलकर स्टेट और रथ पर श्री सप्तधान मुखारविंद के रूप में भगवान विराजित होंगे।









