घर में इस विधि से करें बप्पा की स्थापना

हिन्दू धर्म में गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश की स्थापना और पूजा का सबसे बड़ा और शुभ अवसर होता है। इस दिन भक्त अपने घरों में गणपति बप्पा को स्थापित कर उनका स्वागत करते हैं। माना जाता है कि इन 10 दिनों में बप्पा अपने भक्तों के सभी दुख और कष्ट हर लेते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। गणेश जी की स्थापना सही विधि से करना बहुत जरूरी है ताकि आपको उनकी कृपा प्राप्त हो सके।

बता दों कि गणपति बप्पा की मूर्ति घर लाने से पहले कुछ खास तैयारियां करनी पड़ती हैं ताकि पूजा में कोई बाधा न आएं। पूरे घर की अच्छी तरह से सफाई करें, खासकर जिस जगह पर गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करनी है। उस स्थान को गंगाजल से पवित्र करें। शुभ मुहूर्त में ही गणेश जी की स्थापना करें। शुभ मुहूर्त की जानकारी पंचांग से प्राप्त की जा सकती है। पूजा के लिए सभी सामग्री पहले से ही इकट्ठा कर लें, ताकि पूजा के दौरान कोई बाधा न आए।
पूजा सामग्री
गणेश जी की प्रतिमा, लाल आसन या चौकी, लाल वस्त्र (गणेश जी के लिए), दूर्वा घास, पान का पत्ता, सुपारी, मोदक, लड्डू, फल, कुमकुम, हल्दी, अक्षत (चावल), रोली, एक कलश, गंगाजल, नारियल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), धूप, दीप, अगरबत्ती
गणेश जी की स्थापना की विधि
गणेश चतुर्थी के मौके पर सही विधि से गणेश जी की स्थापना करने पर ही पूजा का पूरा फल मिलता है।
गणेश जी की प्रतिमा को हमेशा ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में स्थापित करें। यह दिशा पूजा के लिए सबसे शुभ मानी जाती है।
सबसे पहले एक लकड़ी की चौकी या पाटा रखें और उस पर लाल वस्त्र बिछाएं।
चौकी पर गणेश जी की प्रतिमा के दाहिनी ओर एक कलश स्थापित करें। कलश में जल भरकर उसमें सिक्का, सुपारी और चावल डालें।
कलश के ऊपर आम के पत्ते रखकर उस पर नारियल रखें।
अब गणेश जी की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें। प्रतिमा के नीचे चावल रखें।
हाथ में जल और फूल लेकर संकल्प लें कि आप गणेश जी की पूजा करने जा रहे हैं। मन में अपनी मनोकामनाएं दोहराएं।
गणेश जी की पूजा की विधि
स्थापना के बाद, गणेश जी की पूजा इस विधि से करें। गणेश जी का आवाहन करें, उनसे निवेदन करें कि वे आपके घर में वास करें।
‘ॐ गं गणपतये नमः’ या ‘गजाननं भूतगणादिसेवितं, कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकं, नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम्।।’ मंत्र का जाप करें।
पंचामृत से गणेश जी का अभिषेक करें। इसके बाद, शुद्ध जल से स्नान कराकर साफ कपड़े से पोंछें। गणेश जी को नए वस्त्र पहनाएं।
गणेश जी को रोली, कुमकुम का तिलक लगाएं। दूर्वा घास (21 गांठें), लाल फूल, पान का पत्ता और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
गणेश जी की आरती करें और ‘ॐ गणेशाय नमः’ मंत्र का जाप करें।
अंत में, पूजा में हुई किसी भी गलती के लिए क्षमा मांगें और उनसे अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।
गणेश जी की स्थापना के बाद इन 10 दिनों तक उनकी नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने से सभी इच्छाएं जल्द पूरी होंगी और घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।









