खर्चे पर खर्चा… अब गड्ढों पर ग्रेडर चलेगा

28 लाख रुपए की रोड 28 दिन भी नहीं चली, उल्टे हो गए गड्ढे ही गड्ढे

नगर निगम बारिश बाद कानीपुरा रोड फिर से बनाएगा लेकिन अतिक्रमण पहले हटा दिए
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अक्टूबर 2024 को राजधानी भोपाल में सडक़ एवं पुल निर्माण के क्षेत्र में उभरती नई प्रवृतियों और तकनीकों पर सेमिनार का शुभारंभ करने आए केंद्रीय सडक़ और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि दो साल में अमेरिका से अच्छा रोड इंफ्रास्ट्रक्चर कर दूंगा, लेकिन नगर निगम ने महज आधा किलोमीटर लंबी रोड 28 लाख रुपए में ऐसी बनाई कि वह 28 दिन भी नहीं चली और उल्टे गड्ढे ही गड्ढे हो गए। निगम अब इन गड्ढों पर ग्रेडर चलाएगा और बारिश बाद दोबारा नई सडक़ बनाएगा।
आगर रोड पर तराना कानीपुरा रोड की इस कहानी को सुन गडकरी भी दंग रह सकते हैं। अगर वे इस रोड पर आ जाएं तो ऊंट की सवारी करने जैसा अनुभव होगा। आधा किलोमीटर की यह रोड उज्जैन नगर निगम ने गत जून माह में 28 लाख रुपयों से बनाई थी। सीमेंट कांक्रीट रोड पर आनन फानन में डामर बिछाया गया और एक बारिश में ही वह उखडऩे लगी। अब हाल ये हैं कि इस पर गड्ढे ही गड्ढे हो गए हैं और वाहन चालकों को लगता है मानो वे ऊंट की सवारी कर रहे। निगम अधिकारी अब इस रोड पर ग्रेडर चलाकर गड्ढों को खत्म करेगा। यानी पहले रोड बनाने पर खर्चा फिर गड्ढों को साफ करने पर अलग खर्चा। बारिश के मौसम बाद सडक़ को दोबारा बनाया जाएगा।
जोन की बैठक में गरमाएगा मामला
इस रोड को लेकर भाजपा पार्षद बबीता घनश्याम गौड़ भी परेशान हैं। क्षेत्रीय लोगों को जवाब देना भारी पड़ रहा। पार्षद ने निगम को रोड दोबारा बनाने के लिए पत्र दे रखा है। आज दोपहर जोन कि बैठक होगी, जिसमें वे अपनी समस्या रखेंगे।
क्यों खराब हुई रोड
पहले यह रोड सीमेंट कांक्रीट की बनी हुई थी।
निगम ने इस पर दो तीन दिनों में ही डामर बिछा दिया।
डामरीकरण करने से पहले गिट्टी माल किया जाता है फिर रोलर से दबाया जाता है।
कानीपुरा रोड बनाने में इस प्रोसेस का पालन ही नहीं किया गया।
बोले अफसर
यह सही है कि कानीपुरा रोड खराब हो गया है। पानी की निकासी के लिए अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। गड्ढों की समस्या को दूर करने के लिए ग्रेडर चलाएंगे। बारिश बाद रोड फिर से बनाया जाएगा।
राजकुमार राठौर, जोनल अधिकारी नगर निगम
तो, अतिक्रमण हटाने में जल्दबाजी क्यों?
निगम अधिकारी इस रोड के जल्द खराब होने का कारण बारिश के पानी की निकासी न होना बता रहे हैं। रोड खराब होने का मुद्दा सुर्खियों में आया तो निगम अफसरों ने ताबड़तोड़ रोड के दोनों ओर अतिक्रमण पर जेसीबी चला दी। बारिश के मौसम में हुई कार्रवाई से लोग और परेशान हो गए क्योंकि अतिक्रमण हटाने के लिए चलाई गई जेसीबी से कीचड़ फैल गया। लोगों का कहना है कि बारिश बाद रोड बनानी है तो अतिक्रमण हटाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई। जल्दबाजी भी ऐसी कि लोगों को अपने घरों के शेड हटाने का समय भी नहीं मिल पाया।









