केतन अग्रवाल को इंसाफ दिलाने सड़कों पर उतरा परिवार, निकाला कैंडल मार्च

महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में शनिवार को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल के परिजनों और उनकी हाउसिंग सोसाइटी के निवासियों ने एक शांत कैंडललाइट मार्च निकाला। इस मार्च के जरिए पीड़ित परिवार ने केतन की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है। पुलिस इस पूरे मामले को हत्या के एंगल से देख रही है और जांच लगातार जारी है।

लोनावला के लोहागढ़ किले में क्या हुआ था?
केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस की शुरुआती थ्योरी और घटनाक्रम कुछ इस प्रकार हैं:
- रहस्यमयी मौत: 18 जून को पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) से गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन बाद में लोनावला रूरल पुलिस ने इसे संदिग्ध मानते हुए हत्या का मामला दर्ज किया।
- मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी: जांच के बाद पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके साथी चेतन चौधरी को 23 जून को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी 29 जून तक सात दिनों की पुलिस कस्टडी में हैं।
- संभावित मकसद (Motives): पुलिस को अंदेशा है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल अभी शादी करने के मूड में नहीं थी और अपने परिवार के दबाव में आकर उसने केतन से सगाई की थी, जिसके कारण इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
परिजनों का सवाल: “पहले शादी से इनकार क्यों नहीं किया?”
कैंडललाइट मार्च के दौरान केतन के माता-पिता—राखी अग्रवाल और विशाल अग्रवाल—सहित सैकड़ों लोग हाथों में तख्तियां (Placards) लेकर शामिल हुए। मीडिया से बात करते हुए परिवार के एक सदस्य ने लड़की पक्ष पर गंभीर सवाल उठाए:
“जब सिया गोयल का पूरा परिवार शादी का रिश्ता लेकर हमारे घर आया था, तब हमने केतन के बारे में सब कुछ साफ-साभ बता दिया था। अगर सिया को कोई आपत्ति थी, तो उसने पहले दिन ही मना क्यों नहीं किया? वह केतन के साथ घूम रही थी, बाहर खाना खा रही थी, समय बिता रही थी—तब उसने कोई विरोध क्यों नहीं जताया? हमारी सरकार से सिर्फ इतनी ही गुहार है कि हमारे बच्चे को न्याय मिले।”
माता-पिता ने की फांसी की सजा की मांग
बेटे को खो चुके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है:
- पिता विशाल अग्रवाल की अपील: “मेरे 26 साल के मासूम बेटे को बिना किसी वजह के मार दिया गया। मैं तो उसकी शादी तय करके घर में बहू लाने की तैयारी कर रहा था, मुझे क्या पता था कि मैं अपने बच्चे की लाश उठाऊंगा। मैं न्याय व्यवस्था से मांग करता हूँ कि मेरे बेटे के हत्यारों को मौत की सजा (Death Penalty) दी जाए।” हालांकि, उन्होंने पुलिस प्रशासन की अब तक की कार्रवाई पर पूरा भरोसा जताया है।
- मां राखी अग्रवाल की मांग: केतन की मां ने भी रोते हुए कहा कि वे एक मां हैं और सिया की भी एक मां है, लेकिन उन्होंने जो किया है उसके लिए सिया और चेतन दोनों को सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मिलनी चाहिए।









