किसानों का इंतजार खत्म, खातों में पहुंचे PM किसान के पैसे

देश के करोड़ों किसानों के लिए शनिवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और आर्थिक राहत लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम से ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) की बहुप्रतीक्षित 23वीं किस्त आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इसके साथ ही 13 मार्च 2026 (जब 22वीं किस्त आई थी) के बाद से अगली किस्त की राह देख रहे देश के अन्नदाताओं का इंतजार समाप्त हो गया है।

केंद्र सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली का उपयोग करते हुए देश भर के पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है, जो कुछ ही समय में सभी लाभार्थियों के खातों में क्रेडिट हो जाएगी।
9.44 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को मिला सीधा फायदा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस राष्ट्रव्यापी चरण के तहत सरकार ने कुल 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,880 रुपये करोड़ से ज्यादा की धनराशि एक सिंगल क्लिक के माध्यम से भेजी है।
इस नई किस्त के भुगतान के साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत से लेकर अब तक किसानों को दी गई कुल वित्तीय सहायता का आंकड़ा 4.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उल्लेखनीय है कि इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है, जो साल भर में ₹2,000 की तीन समान किस्तों के रूप में सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है।
बंगाल के किसानों को मिला 900 करोड़ रुपये से अधिक का विशेष तोहफा
चूंकि इस बार किस्त जारी करने का मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की धरती से आयोजित हुआ, इसलिए राज्य के किसानों के लिए यह अवसर और भी खास रहा।
-
लाभार्थियों की संख्या: पश्चिम बंगाल के 45 लाख से अधिक पंजीकृत किसान इस योजना के सीधे हकदार बने हैं।
-
वितरित राशि: राज्य के इन किसान परिवारों के बैंक खातों में कुल 900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डिजिटल माध्यम से क्रेडिट की गई है।
किस्त पाने के लिए ये प्रक्रियाएं हैं अनिवार्य
कृषि मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, केवल उन्हीं किसानों के खातों में पैसे पहुंचने शुरू हुए हैं जिन्होंने अपनी अनिवार्य प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं समय रहते दुरुस्त कर ली थीं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
-
ई-केवाईसी (e-KYC): लाभार्थी का डिजिटल प्रमाणीकरण पूरी तरह अपडेट होना चाहिए।
-
आधार बैंक सीडिंग (Aadhaar Seeding): बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना और डीबीटी (DBT) के लिए एक्टिव होना जरूरी है।
-
भूमि का भौतिक सत्यापन: राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार खेती योग्य भूमि का विवरण सरकारी पोर्टल पर मान्य होना आवश्यक है।
जिन किसानों को अभी तक राशि प्राप्त नहीं हुई है, वे योजना की आधिकारिक वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर ‘Farmers Corner’ में जाकर अपना ‘Beneficiary Status’ आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।









