सिंहस्थ में शिप्रा नदी पर बनेगा पहला पैदल पुल…

टेंडर लगा: 5.50 करोड़ का पुल राणो जी की छतरी से रणजीत हनुमान मंदिर रोड तक बनाने की तैयारी

अक्षरविश्व एक्सक्लूसिव
सुधीर नागर उज्जैन। सिंहस्थ 2028 में शिप्रा नदी पर पहला बड़ा पैदल पुल बनने जा रहा है। मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने यह सौगात देने की योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह पुल राणो जी की छतरी से रणजीत हनुमान मंदिर रोड तक बनाया जाएगा, जिससे सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान लोगों को आने जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
यह पैदल पुल बनाने का काम मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) को सौंपा गया है, जिसने 426 फीट (130 मीटर)। लंबा और 13 फीट (4 मीटर) चौड़ा ब्रिज बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत रणजीत हनुमान मंदिर के पास पार्किंग, टिकट काउंटर और कैफेटेरिया बनाया जाएगा, जहां से लोग पैदल पुल पार कर राणो जी की छतरी तक पहुंच सकेंगे और घूम फिर कर पर्यटन का लुत्फ ले सकेंगे।
ऐतिहासिक और पुरातन महत्व के राणो जी की छतरी स्थल को सरकार पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। यहां आकर्षक रोशनी की जाएगी और पूरे स्थान को पर्यटन केंद्र के रूप में संवारा जाएगा। इसका काम भी एमपीएसटीडीसी ने शुरू कर दिया है। करीब 78 करोड़ रुपयों से इसका जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके बाद यहां टिकट की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। पैदल पुल बनने से इसका आकर्षण और बढ़ेगा। अभी रामघाट और दत्तअखाड़ा को जोडऩे के लिए छोटी रपट है, लेकिन शिप्रा नदी पर बनने वाला यह पहला बड़ा पैदल पुल होगा।
300 साल पुरानी है छतरी
छतरी 300 साल प्राचीन है, जो भव्य व कलात्मक बारीकी नक्काशी का बेजोड़ उदाहरण है।
छतरी में विष्णु भगवान के दस अवतारों को भी दर्शाया गया है।
मारवाड़ के वीर शिरोमणि वीर दुर्गादास राठौड़ जी की छतरी का निर्माण मेवाड़ के महाराणा संग्राम सिंह जी द्वितीय द्वारा करवाया गया था।
छतरी में देवली की पुन: स्थापना मारवाड़ नरेश गजसिंह जी द्वितीय द्वारा 47 वर्ष पूर्व किया गया था।
ईपीसी मोड में प्रस्ताव
एमपीएसटीडीसी ने ईपीसी यानी इंजिनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मोड में इसे बनाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किया है। इसके लिए 5.50 करोड़ का यह प्रस्ताव आमंत्रित किया है। इसकी ऊंचाई छतरी के समानांतर रहेगी।
पीडब्ल्यूडी बना रहा ब्रिज
पीडब्ल्यूडी इसी स्थान पर राणो जी की छतरी से रणजीत हनुमान मंदिर रोड तक फोरलेन ब्रिज भी बना रहा है, जिसका निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। पैदल पुल इससे अलग बनेगा। एमपीएसटीडीसी के एई सुरेंद्र डुंगेरिया ने बतायाइस पर केवल पैदल यात्री ही आ जा सकेंगे। इस पर वाहन नहीं चलेंगे।








