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मोबाइल ऐप से बैटरी डिसेबल कर ठगी

मोबाइल एप्लीकेशन से डिसएब्लड कर रहे बैटरी, रिक्शा बंद होने पर तकनीकी जानकार होने का हवाला देकर कर रहे ठगी

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ठगों के निशाने पर अब ई-रिक्शा चालक, कई शिकायतें पहुंचीं, पुलिस बोली- सावधानी बरतें, डायल 100, 112 अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ठगों के निशाने पर अब ई-रिक्शा चालक भी आ गए हैं। यह लोग ई-रिक्शा का बैटरी सिस्टम मोबाइल एप्लीकेशन से डिसएब्लड कर रिक्शा बंद कर ठगी कर रहे हैं। ऐसे कई मामले पुलिस तक पहुंचे हैं। इस संबंध में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।

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एएसपी आलोक शर्मा ने बताया कि भैरवगढ़ के रहने वाले अजय चौधरी ई-रिक्शा चलाते हैं। उनके रिक्शे का नंबर एमपी १३ जीई २१६६ है। १ जुलाई को वह लोति स्कूल तिराहे से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनका रिक्शा अचानक बंद हो गया। इस दौरान उनके पास एक युवक आया और उसने रिक्शा ठीक करने का हवाला देते हुए २०० रुपए की मांग की। आरोपी ने अपने मोबाइल से एप के जरिये रिक्शा ठीक कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी रितेश भानूपा को हिरासत में लिया।

पूछताछ में उसने बताया वह मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये ई-रिक्शा की बैटरी को डिसएब्लड कर देता है। इससे ई-रिक्शा बंद हो जाता है। रात का समय या सूनसान इलाका होने से चालक सहायता के लिए देखता है तो तकनीकी जानकार बताकर संपर्क करते हैं और चालक से 200 से 300 रुपए की राशि ठग लेते हैं। फिलहाल आरोपी नीलगंगा पुलिस की हिरासत में है। उससे पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उज्जैन पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों से ठगों से बचने की अपील जारी की है।

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पुलिस ने की यह अपील

यदि ई-रिक्शा अचानक बंद हो जाता है तो घबराएं नहीं। अज्ञात व्यक्ति को नकद या ऑनलाइन भुगतान नहीं करें।

वाहन में तकनीकी खराबी होने पर अधिकृत सर्विस सेंटर अथवा कंपनी के अधिकृत तकनीशियन से ही संपर्क करें। अज्ञात व्यक्ति पर विश्वास करके वाहन अथवा बैटरी से छेड़छाड़ नहीं करने दें।

यदि कोई व्यक्ति वाहन चालू करने के नाम पर रुपयों की मांग करता है या संदिग्ध गतिविधि करता है या जबरन सहायता करता है तो उसका फोटो, वीडियो, हुलिया और अगर उसके पास वाहन है तो उसका नंबर नोट करें। तत्काल डायल 100, 112  अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930  पर सूचना दें।

मोबाइल फोन के जरिये बैटरी को
कतिपय लोग मोबाइल फोन के जरिये बैटरी को डिसएब्लड कर देते हैं। इस वजह से ई-रिक्शा बंद हो जाता है। ऐसे में मदद के नाम पर यह ई-रिक्शा चालक के साथ ठगी करते हैं। ऐसे में ई-रिक्शा चालक सावधानी बरतें, अगर उनके साथ गड़बड़ी होती है तो उसकी तत्काल शिकायत करें।
आलोक शर्मा, एएसपी

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