जर्मनी की टीम ने बताया एआई से वेस्ट कलेक्शन और सॉलिड मैनेजमेंट का तरीका

उज्जैन निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा ने टीम के साथ की इनोवेटर्स राउंडटेबल मीटिंग

उज्जैन। वेस्ट कलेक्शन व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में एआई काफी सहायक हो सकता है। जर्मनी के कई शहरों में एआई के जरिये वेस्ट कलेक्शन और सॉलिड मैनजमेंट किया जा रहा है। सिटी-2 के तहत उज्जैन सहित मध्यप्रदेश के शहरों में भी यह तकनीक अपाई जा सकती है।
बुधवार को निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा की अध्यक्षता में जर्मनी की टीम के साथ इनोवेटर्स राउंडटेबल मीटिंग सिंहस्थ मेला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। यह मीटिंग एमपी-जर्मनी स्टार्टअप ब्रिज प्रोग्राम का हिस्सा थी।इसमें दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम को जोडऩे, नवीन तकनीकों, निवेश अवसरों और उद्यमशीलता को साथ साझा करने पर जोर दिया गया है। मीटिंग में सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत स्मार्ट सिटी प्रशासन द्वारा जर्मनी के सहयोग से किए जाने वाले कामों पर भी चर्चा की गई।
निगमायुक्त मिश्रा ने जर्मन प्रतिनिधियों को बताया कि सिंहस्थ में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं आएंगे। उनके आगमन को सुविधाजनक बनाने की योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। जीआईआईसी के उपेंन बर्वे ने सिंहस्थ व्यवस्था की तैयारी के लिए मिश्रा को जर्मनी में अक्टूबर में होने वाले फुटबॉल मैच देखने के लिए आमंत्रित किया। इस में बड़ी संख्या में दर्शक आनें हैं। इस आयोजन में एआई बेस्ड टेक्नोलॉजी का उपयोग भीड प्रबंधन के लिए किया जाता है। मिश्रा ने भी जीआईसीसी प्रतिनिधियों को सिंहस्थ का आमंत्रण दिया।
डाटा महत्वपूर्ण, इससे ही प्लान तैयार होगा: जर्मनी के एआई विशेषज्ञ ने कहा कि ऐसे आयोजनों में डाटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। पुख्ता डाटा से एआई व आईओटी के माध्यम से बेहतर प्लान तैयार किया जा सकता है। यह प्लान सिंहस्थ महापर्व में बहुत ही उपयोगी रहेगा।
एआई स्वच्छता में भी मददगार
जर्मनी के विशेषज्ञों एवं स्टार्टअप्स ने वन टू वन चर्चा में बताया कि जर्मनी में वेस्ट मटेरियल एआई के माध्यम से संग्रहित किया जाता है। विश्व की सबसे ज्यादा जनसंख्या रखने वाले भारत में एआई वेस्ट कलेक्शन व सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बैठक में मध्यप्रदेश के विभिन्न स्टार्टअप्स एवं नवाचारकर्ताओं ने भाग लिया। इस मौके पर तकनीकी सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, निवेश संभावनाएं और बाज़ार विस्तार पर चर्चा हुई। जर्मनी से आए प्रतिनिधियों को श्री महाकाल के स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
सीईओ स्मार्ट सिटी संदीप शिवा, जीआईआईसी बोर्ड के सदस्य सिद्धार्थ भसीन, अविनाश कश्यप, जर्मन प्रतिनिधि गेब्रियल, फिलिप , आंद्रे लेंगे,स्टीवन रेनवीक, डॉ. एलेक्जेड्रिंया इस मौके पर उपस्थित थे।
सिटी-2 और सिंहस्थ चैलेंज पर चर्चा
जीआईसीसी प्रतिनिधियों से सिटी-2 और सिंहस्थ चैलेंज पर सार्थक चर्चा हुई है। दोनों देश एक दूसरे के नवाचार पर मदद कर रहे हैं। यह जर्मन-इंडिया इनोवेशन कॉरिडोर का हिस्सा है। सात सदस्यीय दल ने काफी उपयोगी जानकारी शेयर की है। यह प्रोसेस आगे भी जारी रहेगी। -अभिलाष मिश्रा, निगमायुक्त उज्जैन









