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वर्चस्व की लड़ाई में भाजपा नेता दिलीप गोरकर के दो भतीजों की जघन्य हत्या..

गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंजा नीलगंगा चौराहा

शॉर्ट एनकाउंटर में एक आरोपी गिरफ्तार, चार अन्य राउंडअप, दिलीप और बेटा तपन घायल

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। वर्चस्व की लड़ाई में शनिवार की रात नीलगंगा चौराहे पर भाजपा नेता दिलीप राव गोरकर (दिल्लू पहलवान) के दो भतीजों की हत्या कर दी गई। दिलीप और उनके बेटे तपन बुरी तरह घायल हंै। गोलियों की तड़तड़ाहट से नीलगंगा इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने एक आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर किया है।

चार अन्य आरोपी भी हिरासत मेें लिए गए हैं। घटना से नीलगंगा इलाके में दहशत हैं। यहां की दुकानें बंद हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दिलीप गोरकर पूर्व सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया के समर्थक हैं और लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए हैं। वह कुश्ती महासंघ में पदाधिकारी भी रह चुके हैं।

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हत्या की यह घटना शनिवार रात करीब 10:45 बजे हुई। नीलगंगा चौराहे (छुमछुम बाबा की दरगाह वाले रोड) पर दिलीप गोरकर के परिवार का मां हरसिद्धि दरबार रेस्टोरेंट हैं। दुकान पर उनके बेटा तपन (32) , चचेरे भाई लोकेश (32 )और जीतेश पिता प्रदीप गोरकर(29) के साथ बैठा था। इसी दौरान नीलगंगा जबरन कॉलोनी में रहने वाले पासी परिवार (राकेश, रोशन, रोहित ) के 20 से 25 सदस्य नशे की हालत में पहुंचे और हमला बोल दिया। यह लोग हथियारों से लैस थे। इनके पास पिस्तौल, तलवार, बक्का और चाकू थे। आते ही इन्होंने लोकेश, तपन और जीतेश पर वार करने शुरू कर दिए।

इनकी चीखें सुनकर रेस्टोरेंट के दूसरे कोने में मौजूद दिलीप गोरकर आए तो आरोपियों ने उनके सिर पर भी तलवार मार दी। सीने में गोली लगने से लोकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तलवार, बुक्का की चोट से जय उर्फ जीतेश, तपन और दिलीप बुरी तरह घायल हो गए। इन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान जय ने भी दम तोड़ दिया। शेष २ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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सब इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई रिपोर्ट

नीलगंगा थाने के सब इंस्पेक्टर भूपेंद्रसिंह चौहान रात्रि गश्त पर थे। वह मौके पर पहुंचे तो यहां खून ही खून फैला पड़ा था। जमीन पर गोलियों के खोके पड़े थे। उन्होंने नीलगंगा थाने में अपनी तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके मुताबिक नीलगंगा जबरन कॉलोनी में रहने वाले रोशन पासी, राकेश पासी, सन्नी, नरेश, संजय रोहित, दुर्गेश, बंटी, मंजू और अन्य ने गोरकर परिवार पर हमला बोला। इसमें लोकेश और जीतेश उर्फ जय की मौत हो गई, जबकि दिलीप और तपन घायल हैं।

चार आरोपी राउंडअप एक का शॉर्ट एनकाउंटर

मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को राउंडअप किया है। इनके नाम नरेश, राकेश, बंटी, लोकेश और मंजू शामिल हैं। इनमें नरेश का शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि आरोपी नरेश लालपुल (चिंतामन ब्रिज के पास) से भागने की कोशिश कर रहा था, इस दौरान उसके पैर में गोली लगी। उसे उपचार के लिए चरक भवन में भर्ती कराया गया है। राकेश, बंटी, लोकेश और मंजू को हिरासत में लिया है।

जय की पत्नी प्रेगनेंट

लोकेश और जय उर्फ जीतेश सगे भाई हैं। इनके पिता प्रदीप गोरकर का निधन हो चुका है। मां हरसिद्धि रेस्टोरेंट की नींव उन्होंने ही रखी थी। करीब ५० साल पुरानी इस दुकान में तब चाय-नाश्ता मिलता था। प्रदीप के निधन के बाद जब कमान बेटों के पास आई तो उन्होंने इसे रेस्टोरेट में तब्दील कर दिया। लोकेश की शादी नहीं हुई है, जबकि जय की शादी महाकाल मंदिर के पुजारी की बेटी से हो चुकी है, वो प्रेगनेंट है।

भारी सुरक्षा के बीच शवों का पीएम

रविवार को भारी सुरक्षा के बीच लोकेश और जीतेश के शव का पीएम चरक भवन परिसर में किया गया। लोकेश के सीने में गोली लगी है, सिर फटा है। जीतेश का सिर हमले में चकनाचूर हो गया है।

दिलीप को 12 टांके

दिलीप गोरकर के सिर में तलवार लगी है। उनके सिर में 12 टांके आए हैं। बेटे तपन को भी चोट है। आरोपियों के घर तोडऩे की कार्रवाई जो सकती है।

हमले को लेकर चल रही तीन थ्योरी

पहली थ्योरी रेस्टोरेंट पर होने वाले विवाद से जुड़ी है। इसके मुताबिक रेस्टोरेंट पर काम करने वाले कर्मचारियों का पासी परिवार के लोगों से कुछ समय पहले विवाद हुआ था। तब पासी परिवार के लोगों ने कर्मचारियों को बुरी तरह पीटा था। इसे लेकर गोरकर और पासी परिवार में रंजिश चली आ रही थी। रेस्टोरेंट कर्मचारी के विवाद का कारण एक महिला से संबंध बताया जा रहा है। इस वजह से पासी परिवार नाराज था।

दूसरी थ्योरी राकेश पासी के बेटे रोहित को शराब के मामले में फंसाने से जुड़ी है। सूत्रों के मुताबिक गोरकर परिवार से विवाद के बाद रोहित को नीलगंगा पुलिस ने उठाया था। उस पर अवैध शराब बेचने का केस दर्ज किया गया था। इस दौरान रोहित के साथ मारपीट की गई थी। पासी परिवार यह मानता था कि राजनैतिक दबाव में यह कार्रवाई करवाई गई।

तीसरी थ्योरी वर्चस्व की लड़ाई है। नीलगंगा चौराहा बदमाशी के लिए कुख्यात है। यहां शुरुआत से पहलवानों का दबदबा रहा है। ट्रेन से कोयला ले जाने के दौरान इस चौराहे पर कोयला चोरों की गैंग रहती थी। जब यह चोरी बंद हुई तो अवैध शराब का काम चलने लगा। गोरकर परिवार प्रतिष्ठित परिवार है। व्यायामशाला से जुड़े दिलीप गोरकर के पास अच्छी फौज है। यह लोग गलत काम करने वालों को चुनौती देते रहते हैं। पासी परिवार सूअर पालन और अवैध शराब बिक्री से जुड़ा हुआ है। ऐसे में भी इनके बीच रंजिश हो सकती है।

एक कहानी यह भी बर्थडे पार्टी में बनी हमले की योजना

नीलगंगा चौराहे पर एक कहानी यह भी चल रही है के नरेश पासी रेस्टोरेंट से दादागीरी से खाना मंगवाता था और पैसा नहीं देता था। इसे लेकर कर्मचारियों से उसका विवाद हुआ था। उसे तपन, लोकेश ने ऐसा नहीं करने के लिए समझाया था। इस मसले को लेकर मारापीटी भी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक शनिवार की रात पासी परिवार नरेश पासी की बर्थडे पार्टी में एकत्र हुआ था। इस पार्टी में जमकर शराब पी गई और यहीं हमले की योजना बनी। नशे की हालत में ही पासी परिवार हमला करने पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच किसी मसले पर समझौते को लेकर शनिवार दोपहर बैठक हुई थी और इसमें बात नहीं बनी थी। रात में तब पासी परिवार नशे की स्थिति में आया तो हमले की योजना एकाएक तैयार हो गई।

नीलगंगा चौराहे पर सन्नाटा

घटना के बाद नीलगंगा चौराहे पर रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। यहां चौराहे की दुकानें बंद रहीं, लोग भी घरों में दुबके रहे। यहीं स्थिति नीलगंगा जबरन कॉलोनी की भी रही। नीलगंगा जलाशय से सटी इस कॉलोनी में गरीब वर्ग के लोग रहते हैं। यहीं पासी परिवार भी रहता है। अमूमन इस परिवार की छवि मोहल्ले वालों के बीच ठीक है लेकिन बाहरी लोगों के बीच नहीं। रविवार को यहां पुलिस की तगड़ी घेराबंदी रही। बाहरी लोगों को आने-जाने से रोका जाता रहा।

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