सोशल मीडिया पर दिखा रहे थे गुंडई, पुलिस ने हेकड़ी निकाली

पुलिस कंट्रोल रूम पर दिखा अलग नजारा, एएसपी बोलते रहे रीलबाज शब्द दोहराते रहे

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सोशल मीडिया पर अपराध से जुड़ी गतिविधियों या हथियारबाजी जैसी रील बनाना और उनका प्रचार करना युवाओं में गलत संदेश फैलाता है। इस प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने और युवाओं को सही दिशा दिखाने के उद्देश्य से उज्जैन पुलिस ने एक सराहनीय एवं सुधारात्मक पहल की है। पुलिस कंट्रोल रूम, उज्जैन में ऐसे 50 से अधिक युवकों को बुलाया गया, जिन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपराधिक प्रवृत्ति या हथियारबाजी दर्शाने वाली रील्स पोस्ट की थीं।
पुलिस अधिकारियों ने इन युवकों केा शांतिपूर्वक बातचीत करते हुए सोशल मीडिया की जिम्मेदारियों, कानूनी सीमाओं और समाज पर पडऩे वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। उज्जैन पुलिस ने इस दौरान केवल सख्ती नहीं दिखाई, बल्कि संवेदनशीलता और सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया।
पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद सभी युवकों ने अपनी गलती स्वीकार की, सामूहिक रूप से माफी मांगी और यह वचन दिया कि वे भविष्य में कभी भी सोशल मीडिया पर आपराधिक, अनुशासनहीन या भ्रामक सामग्री पोस्ट नहीं करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने युवाओं को यह भी समझाया कि सोशल मीडिया एक सशक्त मंच है, जिसका उपयोग जागरूकता, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और सकारात्मकता फैलाने के लिए किया जाना चाहिए। उज्जैन पुलिस का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा और जिम्मेदारी की भावना देना है।








