परिवार में कोई नहीं पत्नी का दाह संस्कार कैसे करे… आधी रात को लाश लेकर समाजसेवी के घर पहुंच गया

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। शनिवार देर रात ढाई बजे एक व्यक्ति अपनी मृत पत्नी का शव लेकर अनिल डागर के घर पहुंचा और उनके दरवाजे पर बैठकर विलाप करने लगा। उसका कोई रिश्तेदार नहीं था। दाह संस्कार में वो उनकी मदद चाहता था। समाजसेवी अनिल डागर ने उसकी मदद कर रविवार को अंतिम संस्कार करवाया।

मामला पिपलीनाका के महावीर नगर का है, जहाँ के निवासी राजेश राठौर की पत्नी गीता बाई का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। किडनी फेल होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें देर रात इंदौर रेफर कर दिया।
लेकिन, इंदौर जाते समय रास्ते में ही गीता बाई ने दम तोड़ दिया। परिवार में कोई और सदस्य न होने के कारण बेबस राजेश अपनी पत्नी का पार्थिव शरीर लेकर अनिल डागर के घर पहुँच गए। आधी रात को राजेश राठौर को रोता देख अनिल डागर तुरंत बाहर आए और उन्हें ढांढस बंधाया। रविवार सुबह डागर ने पूरी विधि-विधान से गीता बाई का अंतिम संस्कार करवाया।









