चरित्र शंका में हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास, 50 हजार अर्थदंड

2024 के नवंबर माह की घट्टिया में तुलाहेड़ा स्थित दुर्गा कॉलोनी की घटना
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। चरित्र शंका के चलते तलवार से पत्नी की हत्या करने वाले अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश राकेश बंसल ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त को पचास हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया है। फैसले के बाद सजा भुगतने के लिए अभियुक्त को जेल भेज दिया है।
अभियुक्त ने ही पुलिस को दी थी सूचना
उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्रकुमार खांडेकर ने बताया हत्या की घटना 24-25 नवंबर 2024 की दरम्यानी रात करीब 2:00 बजे घट्टिया तहसील में तुलाहेड़ा रोड स्थित अभियुक्त के निवास पर हुई थी। वारदात के एक दिन पहले ही महिला ने अपने भाई को फोन पर हुई बातचीत में हत्या होने की शंका जताई थी। और रात को ही अभियुक्त जगदीश पिता बिहारीलाल भारती उम्र 50 वर्ष निवासी दुर्गा कॉलोनी घट्टिया ने धारदार हथियार से गर्दन, गले, गाल, कंधे व पीठ पर वार कर पत्नी शिवानी उर्फ मंजू की हत्या कर दी थी। रात को हत्या करने के बाद अभियुक्त जगदीश ने सुबह 6:31 बजे आरोपी ने खुद ही पुलिस को हत्या की सूचना दी। मृतका के भाई शुभम की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक नितेश कृष्णन ने की।
भाई पहुंचा तो बहन की लाश खून से लथपथ मिली
जानकारी मिलने पर शुभम, उसकी पत्नी पूजा उर्फ शालू, भानेज आकाश उर्फ बंटी एवं आकाश की पत्नी शीतल उसकी बहन के घर तुलाहेड़ा रोड़ घट्टिया आए। कमरे में देखा तो उसकी बहन शिवानी बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ी थी। उसकी गर्दन, गले, गाल, कंधे व पीठ पर किसी धारदार हथियार के गंभीर चोट के घाव थे और बॉडी खून से लथपथ थी।
पुलिस ने आरोपी जगदीश को गिरफ्तार किया और आवश्यक अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आरोप सिद्ध पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश राकेश बंसल ने अभियुक्त जगदीश निवासी दुर्गा कॉलोनी ग्राम घट्टिया को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया।
यह था घटनाक्रम
शुभम ने पुलिस को बताया था कि वह बहन शिवानी के साथ इंदौर में रहता था। घटना से करीब 8-9 महीने पहले शिवानी और जगदीश की शादी कोर्ट में स्टाम्प पेपर पर लिखापढ़ी कर हुई थी। जगदीश ने शादी के कुछ समय तक मंजू उर्फ शिवानी को ढंग से रखा, लेकिन बाद में वह चरित्र पर शंका कर प्रताडि़त करने लगा था।
अक्सर विवाद होने के कारण मंजू अधिकतर समय उसके भाई शुभम के पास रहती थी। घटना के एक दिन पहले मंजू ने फोन पर हुई बातचीत में भाई शुभम को बताया कि पति जगदीश उसे बहुत परेशान कर रहे हैं। वे मार डालेंगे इसलिए घट्टिया आकर उसे आकर ले जाए। शुभम ने अगले दिन आने का आश्वासन अपनी बहन को दिया। परंतु सुबह पुलिस ने फोन कर शुभम को जानकारी दी कि जीजा जगदीश ने उसकी बहन की हत्या कर दी है।









