दगाबाज दोस्त… रुपए उधार मांगे, नहीं दिए तो पहले गमला मारा फिर पत्थर से सिर कुचलकर कर दी हत्या

थाना महाकाल और क्राइम टीम ने किया कालिदास उद्यान में हुई हत्या का खुलासा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कालिदास उद्यान में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात हुई कबाड़ी की हत्या के मामले का महाकाल पुलिस और क्राइम टीम ने चंद घंटों में ही खुलासा कर दिया। रुपए के विवाद में मृतक के दोस्तों ने ही वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। दोपहर में पुलिस उन्हें लेकर घटनास्थल पर तस्दीक करवाने के लिए भी पहुंची।
दरअसल, मृतक का नाम राजा पिता चिमनलाल सिमरैया (45) निवासी मदीना कॉलोनी, जूना सोमवारिया है। पुलिस को जांच में पता चला कि मृतक राजा बुधवार शाम को अपने दोस्त अमन पिता अल्ताफ हुसैन (25) निवासी जूना सोमवारिया और अजीमुद्दीन पिता अब्दुल अजीज (19) निवासी जानसापुरा के साथ था। तीनों बाद में कालिदास उद्यान पहुंचे थे। वहां अमन ने राजा से रुपए उधार मांगे लेकिन राजा ने मना कर दिया। इसी बात को लेकर उनके बीच हो गया जिसके बाद अमन ने अजीमुद्दीन के साथ मिलकर पहले राजा के सिर पर गमला और फिर पास में पड़ा बड़ा पत्थर सिर पर दे मारा जिससे राजा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सुबह जब लोग घूमने पहुंचे तो सनसनी मच गई। सूचना पर महाकाल पुलिस और एफएसएल टीम पहुंची और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव का पीएम करवाया।
10 मिनट में आने का कहकर गया था
मृतक राजा सिमरैया कबाड़ी का काम करता था। उसके पुत्र नवीन और पीयूष सिमरैया ने बताया कि पापा बुधवार रात करीब ९ बजे घर से 10 मिनट में आने का बोलकर निकले थे जिसके बाद वह घर नहीं लौटे। गुरुवार सुबह हम दोनों स्कूल चले गए थे तभी हमें उनकी हत्या की सूचना मिली।
सही निकला सीएसपी का अनुमान
घटना को लेकर कोतवाली सीएसपी राहुल देशमुख का अनुमान एकदम सही साबित हुआ। सुबह उन्होंने अक्षरविश्व से बात करते हुए किसी बात को लेकर आपसी विवाद में किसी साथी द्वारा ही वारदात को अंजाम देने की संभावना जताई थी जो खुलासे में बिल्कुल सही निकली। मृतक के दोस्तों ने ही इस हत्या को अंजाम दिया।
सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो दिखे
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस एक्शन में आई। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जिसमें राजा के साथ बाइक पर अमन नजर आया। इसके बाद पुलिस ने पहले परिजनों से मृतक के दोस्तों के बारे में पता किया तो उन्हें आरोपी अमन और अजीमुद्दीन की जानकारी मिली। पुलिस उनके घर पहुंची लेकिन दोनों नदारद थे जिसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
पहले इंदौर में मिली लोकेशन
कोतवाली सीएसपी राहुल देशमुख ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे पुलिस से बचने के लिए इंदौर भाग गए थे। उनकी लोकेशन पहले इंदौर मिली थी, इसके कुछ समय बाद लोकेशन उज्जैन मिली जिसके बाद कार्रवाई करते हुए दोनों को धरदबोचा गया। पुलिस उन्हें तस्दीक के लिए घटनास्थल लेकर भी पहुंची।









