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550 करोड़ से Ujjain में बनेगा IIT का सेटेलाइट सेंटर

मध्यप्रदेश बनेगा दुनिया का नॉलेज हब

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केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बड़ी घोषणा

डीप टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर होगा स्थापित

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को घोषणा की है कि मध्यप्रदेश को दुनिया का नॉलेज हब बनाएंगे। विज्ञान और खगोल विज्ञान अध्ययन के लिए उज्जैन महत्वपूर्ण केंद्र है। डीप टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर से एक नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा उज्जैन दुनिया का ऐसा केंद्र बनेगा, जहां दुनिया शिक्षा ग्रहण करने आएगी।इंदौर रोड स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह आईआईटी इंदौर के सैटेलाइट सेंटर नवाचार, प्रौद्योगिकी एवं उद्यमिता अनुभावात्मक विद्यार्जन केंद्र (डीप टेक रिसर्च एंड डिस्कवरी सेंटर) का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया। यह 550 करोड़ रूपयों की लागत से बनेगा। केंद्र सरकार इसके लिए 275 करोड़ रुपए देगी।

मध्यप्रदेश सरकार भी इसमें इतनी ही राशि देगी। केंद्रीय मंत्री शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार धर्मेंद्र प्रधान ऑनलाइन जुड़े। आईआईटी इंदौर के निदेशक सुहास जोशी भी थाईलैंड से समारोह में ऑनलाइन जुड़े। कार्यक्रम में एसीएस मनोज श्रीवास्तव, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर भाजपा अध्यक्ष विवेक जोशी, इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जेके श्रीवास्तव, आदि उपस्थित थे।

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केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा इस केंद्र का शुरू होना एक नया अध्याय खुलना है। आज महाशिवरात्रि भी है और महिला दिवस भी। शिव और शक्ति के इस पर्व पर मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुपरसोनिक जैसी गति से विकास कर रहा है। उज्जैन में महाकाल लोक बना है। इससे भी विकास तेजी से हो रहा है।

सीएम बोले, सरकार आएगी और जाएगी, लेकिन….

सीएम डॉ. यादव ने कहा सरकार आएगी और जाएगी लेकिन विकास तेजी से होता रहेगा। उन्होंने कहा अब महाकाल नगरी विज्ञान की नगरी के नाम से विख्यात होनी चाहिए। यहां साइंस पार्क है और मेडिकल डिवाइस पार्क भी बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। भारतीय संस्कृति ने हमेशा रिसर्च को प्रोत्साहन दिया। इसी कारण हमारे यहां ऋषि होते थे, जो रिसर्च करते रहते थे। यह वैज्ञानिकता से जुड़ा मार्ग था। हमारी वैज्ञानिक परंपरा रही है। पूरी दुनिया में अब भारत का परचम लहरा रहा है। उज्जैन कालगणना की नगरी रही है और शिक्षा का केंद्र भी। हम आने वाले समय में उज्जैन को ऐसा विकसित करेंगे कि दुनिया शिक्षा ग्रहण करने के लिए यहां आएगी।

सेंटर में तीन लैब शुरू

आईआईआईटी इंदौर के इस सेंटर में इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में शुक्रवार से तीन लैब शुरू हो गई है। ये हैं

मेकर्स स्पेस लैब

एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रो फिजिकल लैब

लेजर टेक्नोलॉजी लैब।

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