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बिना फास्टैग वाले वाहनों से नहीं कर सकेंगे अवैध वसूली

यूपीआई आधारित टोल संग्रह व्यवस्था संबंधी एसओपी हुई जारी….

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नईदिल्ली। केंद्र सरकार टोल प्लाजा पर डायनेमिक क्यूआर कोड सिस्टम लगाकर एक तीर से दो शिकार करेगी। इससे टोल प्लाजा कर्मचारी बिना फास्टैग वाहनों से अवैध वसूली नहीं कर पाएंगे। वहीं, टोल टैक्स मद में संग्रहित होने वाला राजस्व ऑटोमेटिक टोल कंपनी व सरकार के खाते में जमा हो जाएगा। सडक़ परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 15 अक्टूबर को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आधारित टोल संग्रह व्यवस्था संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसमें उल्लेख है कि देशभर के सभी 1150 टोल प्लाजा पर डाइनेमिक क्यूआर कोड डिस्प्ले (18 इंच के एलईडी मॉनिटर) लगाए जाएंगे।

बिना फास्टैग के वाहन चालक इन स्क्रीन पर जनरेट होने वाले डाइनेमिक क्यूआर कोड को स्कैन कर टोल टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। यह कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्क्रीनों पर प्रदर्शित होने वाला डाइनेमिक क्यूआर कोड प्रत्येक लेन-देन के लिए यूनिक हिसाब-किताब रखेगा और टोल शुल्क की सटीक राशि दिखाएगा। इससे टोल ऑपरेटरों द्वारा गलत शुल्क मांगने या अधिक राशि वसूलने की गुंजाइश पूरी तरह से खत्म हो जाएगी। यह प्रणाली सुरक्षित और रियल टाइम में भुगतान को प्रोसेस करेगी। अधिकारी ने कहा कि इससे टोल संग्रह में किसी भी तरह के विलंब या रिकॉर्ड की गड़बड़ी की संभावना लगभग शून्य हो जाती है।

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हेराफेरी पर रोक लगाएगा कोड
अधिकारी का कहना है कि डायनेमिक क्यूआर कोड सिस्टम टैक्स लीकेज और हेरफेर पर रोक लगा देगा। यह सुनिश्चित करता है कि एकत्र किया गया प्रत्येक रुपया तुरंत और बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के संबंधित संस्थाओं के खातों में चला जाए। जिससे टोल संग्रह की पूरी प्रक्रिया अत्यधिक पारदर्शी हो जाएगी। यह कदम डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देगा।

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