इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं की बढ़ी मांग

मिट्टी में महाकाल मंदिर के फूल और तुलसी के बीज से तैयार हो रहीं प्रतिमाएं
उज्जैन। इस बार का गणेश उत्सव कई मायनों में खास रहने वाला है। पर्यावरण को बचाने की पहल भी उत्सव के जरिये की जा रही है। इसी कड़ी में सम्राट विक्रमादित्य विवि और कला मंच उज्जैन के सहयोग से इको-फ्रेंडली क्ले गणेश प्रतिमा बनाई जा रही हैं। इनकी मांग भी खूब की जा रही है।
दरअसल, यूनिवर्सिटी में कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें प्राकृतिक मिट्टी से गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। खास बात यह है कि प्रतिमाओं में महाकाल मंदिर के निर्माल्य(हार-फूल) के साथ तुलसी के बीज भी शामिल किए जा रहे हैं, ताकि विसर्जन के बाद इन्हीं बीजों से पौधा तैयार हो सके। कार्यशाला में प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह पूरी तरह प्राकृतिक मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए खेत की मिट्टी उपयोग में लाई जा रही है।
आयोजकों का कहना है कि मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उद्देश्य गणेश उत्सव के दौरान पर्यावरण और जल स्रोतों पर पडऩे वाले दुष्प्रभाव को कम करना है। इस पहल में विद्यार्थियों की भी सक्रियभागीदारी है। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के करीब 15 विद्यार्थी कार्यशाला में प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया सीख रहे हैं। इसके अलावा कुछ स्कूली विद्यार्थी भी यहां प्रशिक्षण लेने पहुंच रहे हैं। करीब छह बच्चे प्रतिमा निर्माण की तकनीक सिखाने में सहयोग कर रहे हैं। इस दौरान विद्यार्थियों को मिट्टी तैयार करने से लेकर प्रतिमा का आकार देने और अंतिम रूप देने तक की प्रक्रिया सिखाई जा रही है।
विसर्जन के बाद पौधा बनने की पहल: प्रतिमाओं को पर्यावरण अनुकूल बनाने के साथ इनमें बीज भी डाले जा रहे हैं। गणेश प्रतिमा तैयार करते समय तुलसी , फूलों के बीज और महाकाल मंदिर से मिले निर्माल्य का उपयोग किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रतिमा के विसर्जन के बाद मिट्टी और बीज प्रकृति में मिल जाएं और अनुकूल परिस्थितियों में पौधा तैयार हो सके। इस पहल के जरिए गणेश उत्सव को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
बुकिंग के आधार पर तैयार हो रहीं प्रतिमाएं
कार्यशाला में गणेश प्रतिमाओं की बुकिंग शुरू हो चुकी है। आयोजकों के अनुसार बुकिंग के आधार पर ही प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है। कला मंच उज्जैन में तैयार की जा रही इन इको फ्रेंडली प्रतिमाओं की कीमत करीब 250 से 5 हजार रुपए तक रखी गई है। अलग-अलग आकार और डिजाइन के अनुसार इनकी कीमत निर्धारित की जा रही है।









