नकली 200 के नोट से शुरू हुई जांच, घर से मिली प्रिंटिंग मशीन

इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट में भुगतान के दौरान संचालक को नोट संदिग्ध लगा, जिसके बाद कर्मचारियों ने युवक को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ में सामने आए सुराग के आधार पर दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की है।

शराब दुकान पर हुई थी पहचान, फिर शुरू हुआ नकली नोटों का धंधा
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी दीपक और संजय की पहचान पहले एक शराब दुकान पर हुई थी, जहां दोनों सेल्समैन के रूप में काम करते थे। इसी दौरान संजय ने दीपक को नकली नोट तैयार करने वाले अपने साथी के बारे में बताया। बाद में दीपक ट्रक चालक बन गया, जबकि संजय इंदौर आ गया। कुछ समय बाद दोनों की फिर बातचीत हुई और संजय ने दीपक को नकली नोटों के कारोबार में शामिल होने का प्रस्ताव दिया।
1 हजार रुपये के बदले मिलते थे 4 हजार रुपये के नकली नोट
आरोपियों के बीच सौदा तय हुआ था कि ₹1 हजार देने पर ₹4 हजार के नकली नोट दिए जाएंगे। पुलिस के अनुसार, दीपक ने पहली बार संजय से नकली नोट लिए थे और उन्हें बाजार में चलाने की कोशिश के दौरान ही पकड़ा गया। संजय के साथ रहने वाले रवि को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया कि संजय पहले भी नकली नोटों के मामलों में दो बार एसटीएफ के हत्थे चढ़ चुका है।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां-कहां खपाए गए और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। बरामद प्रिंटिंग मशीन, नकली नोट और अन्य सामान की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।









