करवा चौथ: शुक्र तारा अस्त होने से नवविवाहितों के व्रत पर असमंजस

विद्धान बोले फिल्मों से शुरू हुआ इस व्रत का प्रचलन, यह मात्र एक भ्रांति
उज्जैन। करवा चौथ पर इस बार शुक्र तारा अस्त होने से नवविवाहिताएं यह व्रत नहीं कर सकेंगी। जानकारों का कहना है कि शुक्र अस्त होने के दौरान शुभ काम वर्जित रहते हैं। ऐसे में इस बार नवविवाहिताओं को करवा चौथ व्रत नहीं करना चाहिए। दरअसल, मांगलिक कार्यों में शुक्र और गुरु के उदय-अस्त को देखा जाता है। उदय होने पर मांगलिक काम किए जा सकते हैं परंतु अस्त होने पर यह वर्जित रहते हैं। ऐसे में शुभ फल मिलने की संभावना भी नहीं होती। ऐसे में धर्म के जानकार अलग-अलग तर्क दे रहे हैं।
जानिए पंडितों ने क्या कहा
पूर्व की विवाहिताएं यह व्रत कर सकती हैं, नवविवाहिताओं को यानी जिनका विवाह इसी साल हुआ है या जिनका यह पहला करवा चौथ है,उनको इस बार व्रत से बचना चाहिए, क्योंकि मान्यताओं है कि शुक्र अस्त होन पर ना तो कोई व्रत किया जा सकता है, ना ही किसी व्रत का उद्यापन होता है।
पं. धीरज कृष्ण शर्मा, कथावाचक
करवा चौथ का प्रचलन फिल्मों से शुरू हुआ है। व्रत की प्रासंगिकता अभी देखने को मिल रही है। हालांकि शुक्र तो गुरुवार (२९ अक्टूबर) की सुबह ही उदय हो जाएगा ऐसे में नवविवाहित कन्याएं भी यह व्रत ले सकती हंै। यह सिर्फ एक प्रकार की भ्रांति है कि इस बार व्रत लेना सही नहीं रहेगा। व्रत एक शुभ कार्य है और शुभ कार्य करने के लिए मुर्हूत नहीं देखा जाता।
पं. मुकेश पाठक, कथावाचक
पुराणों में बताया है कि शुक्र और गुरु अस्त होने पर शुभ कार्य करना सही नही है। चूंकि करवा चौथ का व्रत शुभ कार्य है। संयोग से करवा चौथ पर शुक्र अस्त की स्थिति है। ऐसे में वह नवविवाहिताएं जो पहली बार करवा चौथ व्रत कर रही हैं उनको सलाह है कि वे इस साल छोड़कर अगले साल से व्रत करें।
पं. कपिल रावल, कथावाचक
शुक्र अस्त जरूर है मगर ऐसा नही है कि करवा चौथ व्रत करना शुभ फलदायी नहीं होगा। यह व्रत हमारी परपंराओं में नहीं है। यह सोशल मीडिया से निकला ट्रेंड है। जो व्यापार का प्रोपेगंडा है। इसेे मान्यताओं से जोड़ दिया है, वरना ऐसा कहां लिखा है कि भक्ति के लिए मुहूर्त देखा जाना जरूरी है। इस लिए भ्रम में नहीं आएं और जो चलता आ रहा है, उसे चलने दें।
ज्योतिषाचार्य पं. सतीश नागर, पुजारी सिद्धवट
भद्रा को लेकर असमंजस
करवा चौथ वाले दिन भद्रा का संशय भी है। हालांकि कथावाचक पं. धीरज कृष्ण शर्मा ने कहा कि कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर किसी भी प्रकार की भद्रा नहीं मानी जाती है। ऐसे में अफवाहों पर ध्यान नही दें।









