शिप्रा आरती में पुजारी और फूल-दीपक बेचने वालों के बीच लात और घूंसे चले

धार्मिक आयोजन में व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा घटना का प्रमुख कारण

उज्जैन। रामघाट पर मां क्षिप्रा की आरती के दौरान पुजारियों और फूल-दीपक बेचने वाली महिलाओं के बीच मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद महाकाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। यह पूरी वारदात 28 जून की शाम की बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना क्षिप्रा नदी रामघाट चौकी के ठीक सामने आरती द्वार पर हुई। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें दो पक्षों के बीच मारपीट दिख रही हैं। घाट पर मौजूद श्रद्धालु इस घटना को देखकर सहम गए। मामले में एक पक्ष की फरियादी उमा (20) निवासी तिलकेश्वर कॉलोनी ने पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा कि वह अपनी मां ममता परमार के साथ रामघाट पर श्रद्धालुओं को दीपक और फूल बेचती है। 28 जून की शाम को जब वे दीपक बेच रही थीं, तभी पं. गणेश गुरु ने उन्हें वहां आने से मना किया और अचानक मारपीट शुरू कर दी। जब उमा की मां ममता और उनकी सहेली क्षिप्रा मराठा बीच-बचाव करने आईं, तो गणेश गुरु के साथी विकास शर्मा और एक अन्य व्यक्ति ने उनके साथ भी मारपीट की।
मना करने पर महिलाओं ने शुरू की मारपीट
मामले में विकास शर्मा, निवासी बिलोटीपुरा दानीगेट ने शिकायत में पुलिस को बताया कि वे भाई गणेश शर्मा के साथ घाट पर पंडिताई करते हैं। आरती के समय वहां दीपक और हार-फूल बेचने वाली महिलाएं आ गईं, तो उन्हें मर्यादा बनाए रखने के लिए टोकते हुए वहां से हटने को कहा। इसी बात पर महिलाएं उग्र हो गईं और उन्होंने पुजारियों को पीटना शुरू कर दिया।
वीडियो के आधार पर होगी वैधानिक कार्रवाई
महाकाल टीआई गगन बादल ने बताया कि घटना की रात ही दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया था। अब मंगलवार को सामने आए वायरल वीडियो और उसमें दिख रहे दृश्यों को केस डायरी में साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। हमलावरों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मां शिप्रा को गंदा कर रहे: फूल बत्ती व अन्य खाद्य सामग्री के नाम पर मां शिप्रा और रामघाट को गंदा किया जा रहा है। बीच आरती में सामान बेचने पहुंचते हैं। विरोध करने पर पुजारियों से मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। मंगलवार को हुई घटना का कारण भी यही है।
पं. राजेश त्रिवेदी, अध्यक्ष श्री क्षेत्र पंडा समिति।
शिप्रा आरती बढ़ती कमाई विवाद का कारण
ऋषिकेश, काशी पर होने वाली गंगा आरती की तर्ज रामघाट पर पिछले कुछ महीनों से शिप्रा आरती की जा रही है। जिसमें दीया बत्ती, पूजन सामग्री की बिक्री और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। रोज करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहते हैं। फूल बत्ती, पूजन सामग्री, खाद्य सामग्री आदि का बड़ा बाजार फलफूल रहा है। इस कारण पंडे-पुजारी व अन्य व्यापारियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो गई जो विवाद का कारण बन रही है।









