कियोस्क संचालक परिवार सहित लापता, पुलिस ने दुकान सील की

एसबीआई एफडी के नाम पर भी की ठगी, महाकाल मंदिर कर्मचारी महिला से ५० हजार ठगे

उज्जैन। जीवाजीगंज थाना क्षेत्र की श्रीकृष्ण कॉलोनी का शगुन एमपी ऑनलाइन संचालक आनंद पिता संतोष बागडिय़ा पूरे परिवार सहित गायब हो गया है। दुकान का बोर्ड भी गायब है। पुलिस ने उसकी दुकान सील कर दी है।मंगलवार को आनंद के परिजन दुकान के पास ही घर पर मौजूद थे। बुधवार सुबह घर पर भी ताला था। जबकि ठगे गए लोगों का उनके घर के आसपास आना-जाना जारी था। ये लोग कहां गए इसके बारे में पड़ोसियों को भी जानकारी नहीं है। दूसरी ओर जीवाजीगंज पुलिस का कहना है कि ठगी के शिकार लोगों की लिस्ट बनाई जा रही है। तकरीबन दो दर्जन लोगों के ठगे जाने की बात सामने आ रही है। आरोपी की धरपकड़ के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
एसबीआई का कियोस्क था आनंद के पास
आनंद बागडिय़ा के पास एसबीआई इंदिरा नगर ब्रांच का कियोस्क था। बैंककर्मियों का कहना है कि उसकी शिकायतें आने के बाद कियोस्क कैंसिल कर दिया था। जबकि ठगी का शिकार लोगों का कहना है कि वो दूसरे कियोस्क की मदद से बैंक के लेनदेन कर रहा था। एसबीआई में एफडी के नाम पर भी ढाई लाख रुपए की ठगी का आरोप है।
बहाने बनाकर टालता रहा, झूठ पकड़ में आया तो गायब हो गया
शिव शक्ति नगर निवासी अंकुश शर्मा ने बताया कि वे अक्टूबर में शगुन एमपी ऑनलाइन पर ढाई लाख रुपये की एफडी करवाने गए थे। उन्होंने 1 लाख, 1 लाख और 50 हजार रुपये के तीन ट्रांसफर ऑनलाइन संचालक आनंद को किए थे। आनंद ने सर्वर डाउन होने का झांसा देकर एफडी अगले दिन देने को कहा, लेकिन लगातार टालमटोल करता रहा और रुपए लेकर फरार हो गया।
उमा पत्नी अरुण ठाकुर (विष्णु कॉलोनी काजीपुरा निवासी)ने बताया कि 1 अक्टूबर को उन्होंने आनंद को बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से एसबीआई खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर करने को कहा था। आनंद ने उमा को बताए बिना ही करीब 99 हजार रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। विरोध करने पर उसने 65 हजार रुपये तो लौटा दिए, लेकिन अब भी 34 हजार रुपये वापस नहीं किए हैं। 13 नवंबर को जब उमा और उनके पति केंद्र पर पहुँचे तो आनंद फरार मिला।
महाकाल मंदिर अन्नक्षेत्र की कर्मचारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि उनके वेतन व जमा पूंजी के खाते से 70 हजार बैंक ऑफ बड़ोदा के नए खाते में ट्रांसफर करवाये थे। रुपए ट्रांसफर नहीं हुए तो कई चक्कर कियोस्क के लगाए। आनंद बहाने बनाकर टालता रहा। बाद में उसने 20 हजार रुपए लौटा दिए। उसके बाद फरार हो गया।









