प्रतिबंध के बावजूद लड़े ‘लल्ला और महासम्राट’

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सुहाग पड़वा पर प्रतिबंध के बावजूद भूखी माता क्षेत्र में पाड़ों की लड़ाई हुई। इसे देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अवकाश होने से लोगों ने लड़ाई का खूब मजा लिया।

शासन ने पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं के तहत पाड़ों की लड़ाई पर प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन उज्जैन में इसे परंपरा मानते हुए आयोजन किया गया। शनिवार को बड़ी संख्या में लोग पाड़ों की लड़ाई देख्रने पहुंचे। पाड़ों को सजा-धजा कर मैदान में लाया गया। मालिकों ने इनके नाम भी रख रखे थे।
किसी का नाम महाराजा था तो कोई महासम्राट। मालिक का दुलारा लल्ला था तो किसी का नाम चौधराहट के कारण चौधरी था। मैदान में उतरे इन पाड़ों ने ख्ूाब धमाल मचाया। कभी यह एक दूसरे को पीछे धकेलते नजर आए तो कभी पीछे हटते। दर्शक भी शोर मचाकर इनका उत्साहवर्धन करते रहे। दोपहर करीब १२ बजे शुरू हुई लड़ाई दिन ढलने तक चलती रही और लोग इसका आनंद लेते रहे।
10 तक होगी लड़ाई
पाड़ों की लड़ाई का क्रम अभी नहीं थमेगा। यह १० नवंबर तक जारी रहेगा। शहर के बाहरी क्षेत्र में अलग-अलग दिन यह आयोजन होते रहेंगे।









