शिप्रा में डूब रही थी जिंदगी, देवदूत बन पहुंचा जवान

परिजन कर रहे थे वीडियोग्राफी तभी गहरे पानी में चली गई बेटी

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। रामघाट पर रविवार शाम शिप्रा आरती के दौरान हादसा होते होते बचा। यहां इंदौर का परिवार नहा रहा था तभी उनकी 10 साल की बेटी गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। तैनात एसडीईआरएफ जवान ने छलांग लगाकर बालिका को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इंदौर के रहने वाले अजय मिश्रा अपने परिवार के साथ भगवान महाकाल के दर्शन करने आए थे। रविवार शाम करीब ७ बजे रामघाट पर शिप्रा आरती चल रही थी, दूसरी ओर मिश्रा का परिवार राणोजी की छत्री के सामने नहा रहा था। इसी बीच परिजन वीडियो बनाने लगे तभी अचानक उनकी 10 वर्षीय बेटी ज्योति गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे छटपटाता देख परिजनों ने शोर मचाया तभी वहां तैनात होमगार्ड जवान सुरेश सोलंकी ने नदी में छलांग लगा दी और ज्योति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस बचाव कार्य में एसडीआरएफ जवान दीपक सोनी एवं सैनिक ईश्वर चौधरी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जरा भी देर हो जाती तो गंभीर हादसा हो सकता था। इसके बाद इंदौर के मिश्रा परिवार ने जवानों को धन्यवाद दिया और रवाना हो गए।
16 जवान तैनात श्रावण को देखते हुए
होमगार्ड के जिला कमांडेंट संतोष जाट ने बताया श्रावण मास के चलते देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आ रहे हैं। इसके चलते रामघाट पर भी दर्शनार्थियों की काफी भीड़ है। इसे देखते हुए रामघाट पर डीजी रिजर्व, डिविजनल रिजर्व एवं एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती की गई है जिनकी संख्या करीब 96 है।
निगरानी और पेट्रोलिंग
जाट ने बताया कि रामघाट पर टू लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जवानों द्वारा घाट पर पैदल व नदी में बोट से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार के हादसे को समय रहते रोका जा सके।
पहले भी देवदूत बने
29 जून को इंदौर के अक्षत दीक्षित को जवानों ने डूबने से बचाया था।
30 जून को पचोर के रहने वाले रोहित और अभिषेक को बचाया था।
23 जून को आंध्रप्रदेश से लक्ष्मी कुमारी और उनकी बेटी को रविदास घाट पर डूबने के दौरान बचाया गया था।









