नैतिक ने अंतिम बार अपने जिगरी दोस्त यश को बुलाया था लेकिन वह नहीं गया

पुलिस आत्महत्या का केस मान कर गुत्थी सुलझाने में जुटी

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। केंद्र्रीय विद्यालय के छात्र नैतिक की मौत का मामला अभी भी गुत्थियों और कयासों में उलझा हुआ है। पुलिस ने पीएम शॉर्ट रिपोर्ट से मामले को आत्महत्या माना है, लेकिन उसके परिवार के लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं। उनका मानना है कि यह आत्महत्या नहीं हत्या है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आत्महत्या क्यों की?
पुलिस की मानें तो अब तक इस मामले में करीब दस दोस्तों से पूछताछ हुई है। अभी तक किसी भी दोस्त ने यह नहीं बताया है कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेगा। अलबत्ता यह बात जरूर सामने आई है कि वह पिछले कुछ दिनों से उदास था। क्यों था यह कारण पता नहीं चल पाया है।
पुलिस का कहना है कि जांच टीम ने स्कूल से लेकर घटनास्थल तक के सभी वीडियो फुटेज देखे हैं, सभी में वह अकेला जाता हुआ दिखाई दे रहा है। अंतिम बार पांडयाखेड़ी में रहने वाले यश को उसने बुलाया था। लेकिन वह नहीं गया। यश नैतिक के बचपन का दोस्त है। दोनों पहली से साथ में पढ़े हैं। पिछली बार दोनों फेल हो गए थे। नैतिक ने रिपीट किया जबकि यश ने प्राइवेट फॉर्म भर दिया और स्कूल छोड़ दिया। इसके बावजूद दोनों की दोस्ती बरकरार रही। यश ने पुलिस को बताया कि उसका दोस्त बहुत ही शांत स्वभाव का था। मिलनसार था, हमेशा पढ़ाई की ही बात करता था।
पुलिस यश का मोबाइल भी देख चुकी है। उससे यह साबित हुआ कि दोनों के बीच अंतिम बार बात हुई थी। नैतिक ने अंतिम बार अपने प्रिय दोस्त को क्यों बुलाया यह राज ही रह गया।
मेरा बेटा खुशमिजाज था उसने आत्महत्या नहीं की: दिव्या
नैतिक की मां दिव्या का कहना है कि नैतिक बहुत ही समझदार और खुशमिजाज किस्म का बच्चा था। कोई सपने में नहीं सोच सकता कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठाएगा। कोई ऐसा कारण भी नहीं था कि जिस वजह से वह ऐसा करे। उनका कहना है कि सात फरवरी को नैतिक के पास किसी दोस्त का फोन आया था। वह चला गया। उसके बाद वह लौट कर नहीं आया। उसकी मौत की सूचना ही आई। उसे धोखे बुला कर मारा गया है। पुलिस इसकी जांच करे।
सारे सबूत गवाह हैं आत्महत्या हुई: कटारे
पंवासा थाना प्रभारी रवींद्र कटारे का कहना है कि नैतिक की मौत से उसका परिवार शोक मग्न है। यह घटना किसी भी मां-बाप के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस टीम ने इस मामले में कोई कोताही नहीं बरती। वीडियो से फोटो सभी खींचे गए। साइबर सेल की मदद ली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी गई। सारे सबूत जुटाए गए। स्कूल स्टॉफ से लेकर करीब दस दोस्तों से बात हुई। निष्कर्ष यही निकला कि यह हत्या नहीं आत्महत्या है। हम कारण तलाश रहे हैं।









