चेक क्लियरिंग का नया सिस्टम: त्योहारी सीजन में अटका करोड़ों रुपए का पेमेंट

सिस्टम से संकट: आरबीआई ने 4 अक्टूबर से शुरू की है नई व्यवस्था

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आरबीआई की एक दिन में चेक क्लीयरेंस करने की येाजना लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। 4 अक्टूबर से लागू नए सिस्टम के तहत बैंकों को शाम 4:00 बजे के पहले मिले चेक को शाम 7.00 बजे तक क्लीयर करना जरूरी है। लेकिनें तकनीकी कारणों से यह सिस्टम गड़बड़ा गया है। निजी बैंकें तो जैसे-तैसे एक दिन मे चेक की क्लियरिंग कर ले रही हैं लेकिन नेशनलाइज बैंक इस मसले पर पिछड़ रही हैं।
उज्जैन जिले में में 12 राष्ट्रीयकृत, 7 निजी बैंकों की 174 शाखाएं हैं। स्मॉल बैंक और कॉपरेटिव बैंकों को भी जोड़ ले तो यह संख्या 286 हो जाती है। इनमें औसतन 10 हजार चेक रोजाना डाले जाते हैं। अधिकतर चेक व्यापारी वर्ग के होते हैं और चेक क्लियर नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशान भी व्यापारी ही हो रहे हैं।
ट्रेनिंग की कमी ने खड़ी की समस्या
त्योहारी सीजन में यह नया सिस्टम लागू करने से गड़बड़ हो रही है। बैंकों में चेक क्लियर नहीं होने से करोड़ों रुपए के पेमेंट अटके पड़े हैं।
दौलतगंज होलसेल किराना व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय रोहरा कहते हैं कि दिवाली जैसे त्योहार के समय में बैंक का चेक क्लीयरिंग सिस्टम क्रैश हो गया है। उनकी एसोसिएशन से जुड़े 250 से ज्यादा व्यापारी रोजाना पेमेंट अटकने की परेशानी का सामना कर रहे हैं।
यूनाइटेड बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के संयोजक यूएस छाबड़ा का कहना है कि नया सिस्टम से तालमेल बैठाने में परेशानी आ रही है। कर्मचारियों को बाकायदा प्रशिक्षण देना चाहिए था। हालांकि उसी दिन कई बैंकों में भुगतान हो रहा है।
बर्तन व्यापारी एवं निर्माता संघ के सचिव प्रकाश आच्छा भी चेक क्लीयर नहीं होने से परेशान हैं। उनका कहना है कि सीजन में लेन-देन ज्यादा रहता है। उज्जैन के व्यापारी इंदौर से कारोबार करते हैं। ऐसे में पेमेंट अटकने से दिक्कतें हो रही हैं।
परेशानी की वजह
- बैंक सिस्टम अपग्रेड नहीं।
- स्टाफ पूरी तरह ट्रेन नहीं
- सिस्टम लागू करने से पहले ट्रेनिंग नहीं।
- कर्मचारियों की कमी।
क्या कहते हैं एलडीएम
उज्जैन बैंक के लीड बैंक मैनेजर बलराम बैरागी ने माना कि एक दिन में चेक क्लियरिंग करने में दिक्कत आ रही है। खासकर राष्ट्रीयकृत बैंकों को। इसकी वजह यह है कि नए सॉफ्टवेयर से लोग फ्रेंडली नहीं है। सभी की ट्रेनिंग नहीं हो पाई है, जो लोग ट्रेन हो रहे हैं, वह बाकियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। बैरागी के मुताबिक एक सप्ताह में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
कैसे काम करता है चेक क्लियरिंग सिस्टम: बैंक में चेक क्लियरिंग के लिए सीटीएस लगे हैं। सीटीएस यानी चेक ट्रंक्केशन सिस्टम। इसके जरिए बैंक ग्राहक से मिले चेक को स्कैन कर चेक जारी करने वाले बैंक को भेजते हैं। संबंधित बैंक अपने खाते से मिलान करके बैंक खाते में राशि होने पर भुगतान की स्वीकृति जारी करते हैं। इस तरह भुगतान चेक लगाने वाले के खाते में पहुंच जाता है। पेमेंट अटकने में सबसे ज्यादा दिक्कत सार्वजनिक बैंकों में आ रही है। इसकी मूल वजह यह है कि यहां कर्मचारियों की संख्या कम है और वह सिस्टम से फैमेलियर भी नहीं है।









