गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से 9 मरे कांग्रेसियों ने उज्जैन में घेरा आबकारी दफ्तर

सहायक आबकारी आयुक्त बोलीं- उज्जैन से नहीं गई शराब, भावनगर एसपी ने दी जानकारी, मुख्य आरोपी उज्जैन का
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। गुजरात के भावनगर के जहरीली शराब कांड का असर गुरुवार को उज्जैन में भी प्रदर्शन के तौर पर दिखाई दिया। कांग्रेस की शहर एवं जिला इकाई ने उज्जैन से शराब तस्करी होने का हवाला देते हुए इंदौरगेट क्षेत्र स्थित सहायक आबकारी आयुक्त कार्यालय पर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में साफ हुआ कि शराब की तस्करी उज्जैन से नहीं हुई थी। यह तो गुजरात में ही बनी थी और वहीं से सप्लाई हुई थी। बस आरोपियों में से एक रईस मूलत: उज्जैन का रहने वाला है। हालांकि लंबे समय से वह गुजरात के गांधीनगर में रह रहा है।
दरअसल, कांग्रेस की स्थानीय इकाई का आरोप था कि भावनगर तक शराब की खेप 28 पेटियों में माध्यम से उज्जैन से भेजी गई थी। विधायक महेश परमार और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लेकर आबकारी कार्यालय का घेराव किया और करीब दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तख्तियां लेकर नारेबाजी की और ‘रघुपति राघव राजा रामÓ की धुन गाते हुए शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
तराना विधायक ने कहा कि प्रदेश में पनीर, दूध, मावा, दवाइयां, पानी के बाद अब शराब की गुणवत्ता और शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंन कहा कि महाकाल की नगरी की पहचान धार्मिक आस्था और पवित्रता से है। ऐसे में यदि यहां से नकली शराब की खेप दूसरे राज्य तक पहुंच रही है तो यह कानून-व्यवस्था के साथ उज्जैन की साख से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
शराबबंदी वाले गुजरात पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उज्जैन नगरीय क्षेत्र में पूर्णत शराबबंदी है। ऐसे में गुजरात तक शराब की कथित खेप कैसे पहुंची। इन्होंन सप्लाई चेन, वाहन, परमिट/दस्तावेज, स्रोत, रिसीवर, भुगतान और स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल करने की मांग की।
दो घंटे तक चला धरना
कांग्रेस संगठन महासचिव अजय राठौर के अनुसार करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने ‘रघुपति राघव राजा राम’ की धुन गाकर भी विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष रवि रॉय, राजेश राणा, अभिषेक शर्मा, आनंद मीणा, संचित शर्मा,बबलू खींची, देवव्रत यादव, रहीम लाला, कैलाश सोनी, भूरू गौड़, इरशाद हुसैन, धर्मेंद्र सिसोदिया, बंटी वसीम, छोटे लाल मंडलोई,दुर्गेश धवन, चेतन भाट, सुरेश गहलोत, इमरान खान, जाहिद पहलवान, हिमांशु जोशी, प्रकाश सोलंकी, ऋतुराज सिंह चौहान, चेन सिंह चौधरी आदि उपस्थित थे।
उज्जैन से शराब की सप्लाई नहीं
आबकारी विभाग की सहायक आयुक्त निधि जैन ने बताया कि भावनगर में जहरीली शराब का उज्जैन तो दूर मध्यप्रदेश से भी कोई नाता नहीं है। यह शराब गुजरात में ही तैयार हुई और वहीं से भावनगर भेजी गई। इसका खुलासा खुद भावनगर एसपी ने कियाा है। इस मामले में वहां 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्य आरोपी में से एक रईस उज्जैन के बेगमबाग का रहने वाला है। हालांकि वह सालों से गांधीनगर में रहता है। इस वजह से कन्फ्यूजन हो रहा है।
मध्यप्रदेश के लोगों ने गुजरात में तैयार की जहरीली शराब
भावनगर के वरतेज पुलिस थाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत हुई है। इस शराब को तैयार करने में मध्यप्रदेश के दो लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई है। इनके नाम रईस और नरेंद्र यादव है। वरतेज थाना क्षेत्र के रहने वाले गौतम सोलंकी ने दोनों को शराब बनाने के लिए हायर किया था।
24 साल के गौतम ने वरतेज थाना क्षेत्र के नवा प्लाट में ही शराब कारखाना खोला गया। इसके लिए रॉ मटेरियल की व्यवस्था उज्जैन के रईस ने की, जबकि मुरैना के नरेंद्र यादव ने रॉ मटेरियल से शराब तैयार की और खुद इसे पीकर देखा। यादव की मौत हो गई है। भावनगर पुलिस ने 21 लोगों को आरेापी बनाया है। इनमें से 13 की गिरफ्तारी हो चुकी है। रईस भी रिमांड पर है। फिलहाल गुजरात की स्टेट मॉनिटरिंग सेल के इंस्पेक्टर एसएम जाडेजा मामले की जांच कर रहे हैं। यह शराब रॉयल स्टेज की कांच की बोतल में पैक की गई थी और इस पर फर्जी होलोग्राम और स्टीकर लगे थे।
शराब कारोबार का पूरा नेटवर्क तैयार किया
भावनगर में शराब सप्लाई करने के लिए गौतम सोलंकी ने पूरा नेटवर्क तैयार कर रखा था। इसमें 20 से 35 साल के युवा थे। गौतम के प्लाट पर अलग-अलग केमिकल की मदद से शराब तैयार हो रही थी। इसे पूरे सौराष्ट्र क्षेत्र में बेचा जा रहा था। गुजरात में शराबबंदी है, ऐसे में लोग चोरी छिपे इसे खरीद रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।









